ध्रुव चरित्र सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के तीसरे दिन भक्ति और श्रद्धा का उमड़ा सैलाब
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : स्थानीय श्रीराम मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा पंडाल में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में हरि प्रेमियों ने कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
वृंदावन धाम से पधारे कथा व्यास हरीश ठाकुर जी महाराज ने अपनी मधुर एवं ओजस्वी वाणी में कर्दम-देवहूति चरित्र, भगवान कपिल के अवतार तथा परम भक्त ध्रुव की प्रेरणादायी कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा, दृढ़ संकल्प और अटूट भक्ति के बल पर मनुष्य असंभव को भी संभव बना सकता है। ध्रुव चरित्र आत्मविश्वास, समर्पण और भगवान के प्रति अटूट विश्वास का जीवंत उदाहरण है।

महाराज श्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी जो व्यक्ति ईश्वर का स्मरण करता है, उसे जीवन में सफलता और प्रभु कृपा अवश्य प्राप्त होती है। ध्रुव चरित्र के मार्मिक प्रसंगों का वर्णन सुनकर अनेक श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और उनकी आंखें नम हो गईं।
कथा के दौरान प्रस्तुत भक्ति रस से सराबोर भजनों ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया। “राधे-राधे”, “हरे कृष्ण” और “हरे राम-हरे कृष्ण” के संकीर्तन पर श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे। पुरुष, महिलाएं और युवा भगवान के नाम का संकीर्तन करते हुए नृत्य करने लगे। कथा पंडाल में जय श्रीकृष्ण और राधे-राधे के जयघोष लगातार गूंजते रहे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं श्रद्धा के साथ कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।
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