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कलेक्टर से बहस के 5 महीने बाद सीकर आए मंत्री:बैठक से मीडिया को किया बाहर; डोटासरा बोले- सवालों से वही सरकार डरती हैं, जिसके पास जवाब नहीं होते


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कलेक्टर से बहस के 5 महीने बाद सीकर आए मंत्री:बैठक से मीडिया को किया बाहर; डोटासरा बोले- सवालों से वही सरकार डरती हैं, जिसके पास जवाब नहीं होते

कलेक्टर से बहस के 5 महीने बाद सीकर आए मंत्री:बैठक से मीडिया को किया बाहर; डोटासरा बोले- सवालों से वही सरकार डरती हैं, जिसके पास जवाब नहीं होते

सीकर : प्रदेश के वन मंत्री व सीकर जिले के प्रभारी मंत्री संजय शर्मा करीब 5 महीने बाद जिला मुख्यालय पर सरकारी कार्यक्रम में पहुंचे। मंत्री की 23 दिसंबर 2025 को नगर परिषद में तत्कालीन कलेक्टर मुकुल शर्मा से झड़प हुई थी। उसके बाद वे आज सीकर बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन और वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान की समीक्षा करने आए थे।

इस बार वे मीडिया से उलझ गए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस घटनाक्रम को‌ लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स पर लिखा है कि ‘आज सीकर जिला कलेक्ट्रेट में प्रभारी मंत्री संजय शर्मा जी के द्वारा ली गई। बैठक में जिस तरह से नियम-कानूनों एवं प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ, वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सच और सवालों से वही सरकार डरती हैं, जिसके पास जवाब नहीं होते।’

मीडिया को बैठक से बाहर जाने को कहा

दरअसल, जिले के प्रभारी मंत्री संजय शर्मा आज कलेक्ट्रेट सभागार में मीटिंग लेने पहुंचे थे। बैठक में भाजपा के पूर्व पदाधिकारी तक शामिल हुए थे। इस दौरान मंत्री ने मीडिया को देखते ही बाहर जाने का बोल दिया। वे बोले- मीडिया निगेटिव खबरें चलाता हैं इसलिए मीटिंग के बाद ही अंदर आएं। ये तो सरकारी बैठक है।

इस पर मीडियाकर्मियों ने कहा कि भाजपा के पूर्व पदाधिकारी बैठ सकते हैं तो मीडिया से क्या दिक्कत है? इस पर वन मंत्री संजय शर्मा ने कह दिया कि ये तो भाजपा सरकार में चलता ही आ रहा है।

इसके बाद PRO ने प्रेस वार्ता आयोजित की, जिसका मीडियाकर्मियों ने बहिष्कार कर दिया। मामले को लेकर विपक्ष ने भी वन मंत्री और प्रशासन पर निशाना‌ साधा है। मंत्री की मीडिया को बैठक से बाहर जाने की बात का सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया जा रहा है।

बता दें कि तत्कालीन कलेक्टर मुकुल शर्मा से झड़प के बाद विपक्ष ने सरकार व प्रशासन के बीच तालमेल नहीं होने को लेकर जमकर निशाना साधा था। उसके बाद मंत्री संजय शर्मा ने मुकुल शर्मा के साथ सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने से मना कर दिया था। प्रमोट होने पर मुकुल शर्मा को जयपुर में मुख्यमंत्री का विशिष्ट सचिव लगा दिया गया है। उनकी विदाई के करीब डेढ़ महीने बाद आज मंत्री पहुंचे थे।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने साधा निशाना

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा निशाना साधा है। उन्होंने अपने सोशल अकाउंट एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि आज सीकर जिला कलेक्ट्रेट में प्रभारी मंत्री संजय शर्मा जी के द्वारा ली गई। बैठक में जिस तरह से नियम-कानूनों एवं प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ, वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

ये कोई भाजपा कार्यालय की बंद कमरे वाली बैठक नहीं थी। ये जिला प्रशासन की सरकारी बैठक थी, जो संविधान, नियमों और पारदर्शिता की भावना से संचालित होनी चाहिए थी। एक तरफ बैठक में मीडिया को कवरेज से रोककर पारदर्शिता का गला घोंटना और दूसरी तरफ बैठक में भाजपा पदाधिकारियों व अवांछित लोगों की मौजूदगी होना साफ बताता है कि भाजपा सरकार प्रशासनिक संस्थाओं को भी पार्टी कार्यालय की तरह चलाना चाहती है।

सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर सरकारी बैठक में “अवांछित राजनीतिक दखल” किस नियम के तहत स्वीकार किया गया? बैठक में पत्रकारों के साथ किया गया व्यवहार न केवल निंदनीय है, बल्कि बताता है कि सच और सवालों से वही सरकार डरती हैं, जिसके पास जवाब नहीं होते। जिस बैठक में जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, वहां सत्ता का अहंकार और पक्षपात होना बेहद चिंताजनक है।

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