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मेडिकल स्टोर बंद का सीकर में नहीं दिखा असर, खुले रहे अधिकांश दवा प्रतिष्ठान


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मेडिकल स्टोर बंद का सीकर में नहीं दिखा असर, खुले रहे अधिकांश दवा प्रतिष्ठान

मेडिकल स्टोर बंद का सीकर में नहीं दिखा असर, खुले रहे अधिकांश दवा प्रतिष्ठान

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : नैना शेखावत

सीकर : प्रदेश के कई जिलों में दवा कारोबारियों की हड़ताल का असर देखने को मिला, लेकिन सीकर में मेडिकल स्टोर बंद का आह्वान बेअसर रहा। सीकर जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए हड़ताल का समर्थन नहीं किया, जिसके चलते शहर में अधिकांश मेडिकल स्टोर सामान्य रूप से खुले रहे और दवाओं की उपलब्धता बनी रही।

दरअसल, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स तथा राजस्थान केमिस्ट एलायंस के आह्वान पर बुधवार को प्रदेशभर में दवा कारोबारियों ने ऑनलाइन फार्मेसी और अन्य मांगों को लेकर बंद का आह्वान किया था। हालांकि सीकर के दवा विक्रेताओं ने मरीजों को होने वाली संभावित परेशानी को देखते हुए मेडिकल स्टोर खुले रखने का निर्णय लिया।

इस दौरान सीकर जिला केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों और मेडिकल स्टोर संचालकों ने शहर के श्रमदान मार्ग पर एकत्र होकर अवैध ई-फार्मेसी के खिलाफ कार्रवाई और दवा व्यापार के लिए निष्पक्ष एवं संतुलित नीति लागू करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया गया।

जिला अध्यक्ष संजीव नेहरा ने बताया कि एसोसिएशन मरीजों और छोटे दवा विक्रेताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए बंद के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध को लेकर संगठन पूरी तरह गंभीर है और भविष्य में भी इस मुद्दे पर आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के कुछ थोक दवा कारोबारियों ने दबाव और आपसी मतभेदों के चलते हड़ताल का समर्थन किया, जबकि अधिकांश रिटेल मेडिकल स्टोर संचालकों ने इससे दूरी बनाए रखी।

उन्होंने कहा कि सीकर जिला केमिस्ट एसोसिएशन लोकतांत्रिक प्रक्रिया से निर्वाचित संस्था है और दवा व्यापार से जुड़े मुद्दों को संगठित रूप से उठाती रही है। इसी क्रम में जिला स्तर पर कलेक्टर तथा उपखंड स्तर पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन फार्मेसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर संचालक और दवा व्यापारी मौजूद रहे। वहीं मेडिकल स्टोर खुले रहने से मरीजों और उनके परिजनों को दवाओं के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

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