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बीदासर न्यायालय का बड़ा फैसला 7 वर्ष पुराने छेड़छाड़ एवं रास्ता रोकने के मामले में आरोपी बरी


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बीदासर न्यायालय का बड़ा फैसला 7 वर्ष पुराने छेड़छाड़ एवं रास्ता रोकने के मामले में आरोपी बरी

बीदासर न्यायालय का बड़ा फैसला 7 वर्ष पुराने छेड़छाड़ एवं रास्ता रोकने के मामले में आरोपी बरी

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : गजराज शर्मा

बीदासर : न्यायालय ने वर्ष 2018 में दर्ज छेड़छाड़ एवं रास्ता रोकने के एक पुराने मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी हुकमीचंद गुर्जर को दोषमुक्त करार दिया है। लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन इस प्रकरण में सुनवाई पूर्ण होने के बाद न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद आरोपी पक्ष एवं परिजनों ने राहत महसूस की। प्रकरण के अनुसार वर्ष 2018 में आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ तथा रास्ता रोकने के आरोपों को लेकर मामला दर्ज किया गया था।

घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तथा जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। मामला पिछले कई वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन था, जिसमें अभियोजन एवं बचाव पक्ष की ओर से लगातार बहस चल रही थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी पर लगाए गए आरोपों को सिद्ध करने के लिए गवाहों के बयान एवं अन्य दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दीनदयाल प्रजापत ने आरोपी का पक्ष रखते हुए विभिन्न कानूनी तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर अदालत में मजबूती से पैरवी की।

उन्होंने न्यायालय को बताया कि मामले में प्रस्तुत साक्ष्य आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं तथा कई तथ्यों में विरोधाभास भी सामने आए हैं। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों एवं उपलब्ध दस्तावेजों का गहन अध्ययन करने के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में सफल नहीं हो पाया।

न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव एवं संदेह का लाभ देते हुए आरोपी हुकमीचंद गुर्जर को दोषमुक्त करार देते हुए बरी करने का आदेश सुनाया। फैसला सुनाए जाने के बाद न्यायालय परिसर में मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना रहा। आरोपी पक्ष के लोगों ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया। वरिष्ठ अधिवक्ता दीनदयाल प्रजापत ने कहा कि न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष फैसला सुनाया है।

उन्होंने कहा कि न्यायपालिका पर आमजन का विश्वास इसी प्रकार के निष्पक्ष निर्णयों से और मजबूत होता है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मामला पिछले कई वर्षों से चर्चा का विषय बना हुआ था और अब न्यायालय के फैसले के बाद इस प्रकरण का पटाक्षेप हो गया है।अभियुक्त की पैरवी एडवोकेट दीनदयाल प्रजापत ने की

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