परसरामपुरा खेल स्टेडियम से अतिक्रमण हटाया:पुलिस ने विरोध करने पर पूर्व विधायक सहित ग्रामीणों को हिरासत में लिया
परसरामपुरा खेल स्टेडियम से अतिक्रमण हटाया:पुलिस ने विरोध करने पर पूर्व विधायक सहित ग्रामीणों को हिरासत में लिया
नवलगढ़ : नवलगढ़ प्रशासन ने बुधवार सुबह परसरामपुरा खेल स्टेडियम से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद की गई, जिसमें स्टेडियम के एक हिस्से को नदी बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण माना गया था। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा तथा विरोध करने पर पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा सहित कई ग्रामीणों को हिरासत में लिया गया।
जानकारी के अनुसार पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा के कार्यकाल में बने इस स्टेडियम के एक हिस्से को न्यायालय द्वारा अतिक्रमण मानते हुए हटाने के निर्देश दिए गए थे। इससे पहले 27 अप्रैल को भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई का प्रयास किया गया था, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल नहीं होने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था।
बुधवार सुबह करीब 7 बजे नवलगढ़ एसडीएम, तहसीलदार एवं करीब 300 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन ने स्टेडियम क्षेत्र में बनी लगभग 700 मीटर लंबी बाउंड्री वॉल और अधूरी संरचनाओं को हटाया।
कार्रवाई का विरोध करने के लिए पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूर्व विधायक सहित 70 से 80 लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों को चिराना क्षेत्र की देवीपुरा बणी पंचायत में पुलिस निगरानी में रखा गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें छोड़ा गया।

गिरफ्तारी देने वालों में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. राजपाल शर्मा, आरएलपी नेता मुकेश रणवां, सुभीता सीगड़ सहित कई ग्रामीण एवं समर्थक शामिल रहे। पूर्व विधायक के पिता एवं शिक्षाविद् रामनिवास शास्त्री ने भी स्वास्थ्य कारणों के चलते एम्बुलेंस में गिरफ्तारी दी।
ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि रात में ही आसपास के गांवों एवं नवलगढ़ क्षेत्र के लोगों को शांतिभंग में पाबंद करने के नोटिस जारी किए गए। उनका कहना है कि बाउंड्री वॉल टूटने से स्टेडियम का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
परसरामपुरा में स्टेडियम को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि बाउंड्री वॉल टूटने से स्टेडियम ही खत्म हो जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की कि स्टेडियम निर्माण के समय जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण गलत था तो उस समय प्रशासन ने इसे बनने क्यों दिया। उल्लेखनीय है कि इस स्टेडियम की नींव तत्कालीन जिला कलेक्टर यू.डी. खान एवं जिला खेल अधिकारी राजेश ओला द्वारा रखी गई थी।
कार्रवाई के दौरान नवलगढ़ एसडीएम कुलदीप सिंह शेखावत, डीएसपी महावीर सिंह, तहसीलदार सीताराम कुमावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत, पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह, एडीएम अजय आर्य सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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