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ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का श्रीमाधोपुर में विरोध तेज:जनसुनवाई में किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, उपजाऊ जमीन बचाने की मांग


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ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का श्रीमाधोपुर में विरोध तेज:जनसुनवाई में किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, उपजाऊ जमीन बचाने की मांग

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का श्रीमाधोपुर में विरोध तेज:जनसुनवाई में किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, उपजाऊ जमीन बचाने की मांग

श्रीमाधोपुर : कोटपूतली से किशनगढ़ तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के विरोध ने अब जोर पकड़ लिया है। मंगलवार को श्रीमाधोपुर के कोटड़ी (सिमारला) में आयोजित जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया और एसडीएम अनिल कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे अपनी उपजाऊ जमीन और घर किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे।

नेशलन हाईवे को ही विकसित करने की मांग किसान महापंचायत के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में किसानों ने मांग रखी कि जब इस मार्ग पर पहले से ही राष्ट्रीय राजमार्ग मौजूद है, तो सरकार उसी को 6 लेन में विकसित करे। इससे करीब 9 हजार हेक्टेयर उपजाऊ कृषि भूमि बचाई जा सकती है। किसानों ने नए एक्सप्रेस-वे को उनके लिए विनाशकारी बताया।

प्रदेश महामंत्री सुंदर भावरिया और प्रदेश मंत्री ज्ञानचंद मीणा ने बताया- किसानों ने ज्ञापन में बताया कि प्रस्तावित परियोजना से उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा, क्योंकि कृषि ही उनका मुख्य सहारा है। साथ ही हजारों पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान होगा। कई किसानों के पक्के मकान भी अधिग्रहण की जद में आ रहे हैं, जिससे वे बेघर हो सकते हैं।

किसानों ने यह भी कहा- जमीन संयुक्त खातेदारी में होने से अधिग्रहण के दौरान पारिवारिक विवाद बढ़ सकते हैं। इसके अलावा दो फसली और सिंचित भूमि के अधिग्रहण को नियमों के खिलाफ बताया।

सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता देने की मांग किसानों ने सरकार से अपील की कि एक्सप्रेस-वे योजना को निरस्त कर सिंचाई आधारित योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए, जिससे कृषि और पशुपालन को मजबूती मिल सके।

जनसुनवाई के दौरान किसान महापंचायत के पदाधिकारी सहित कोटड़ी, शिवराम का बास और नालोट के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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