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छापर में तेज अंधड़, बारिश से तोतों की मौत:चने के आकार के ओले गिरे, वन अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया


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छापर में तेज अंधड़, बारिश से तोतों की मौत:चने के आकार के ओले गिरे, वन अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया

छापर में तेज अंधड़, बारिश से तोतों की मौत:चने के आकार के ओले गिरे, वन अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया

छापर : छापर कस्बे में सोमवार शाम को तेज अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस दौरान चने के आकार के ओले गिरे, जिससे सैकड़ों तोतों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। हालांकि, इस बदले मौसम से आमजन को भीषण गर्मी से राहत मिली।

पूरे दिन तेज गर्मी के बाद शाम को आसमान में काले बादल छा गए। करीब दस मिनट तक तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। ओलों से जमीन सफेद हो गई और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

बारिश और ओलावृष्टि के कारण सांई मंदिर के सामने सैकड़ों तोतों ने दम तोड़ दिया, जबकि दर्जनों तोते घायल हो गए। राम मोहन शर्मा ने बताया कि राजकीय विद्यालय नंबर 2 सांई मंदिर के पास तोते तूफान की चपेट में आए। तूफान की चपेट में आने से मोदी गार्डन के पास एक नीलगाय की भी मौत हो गई।

राममोहन रतावा ने जानकारी दी कि मृत और घायल तोतों को वन विभाग को सौंपा गया है। चैनरूप भाटी, दीपक चांगल, कन्हैयालाल स्वामी, राममोहन, मनीष कुलड़िया, नरेश, रतन औझा, चिंटू शर्मा और किशन नाई सहित युवाओं की एक टीम ने सर्च अभियान चलाकर घायल तोतों को रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया।

क्षेत्रीय वन अधिकारी उमेश बागोतिया, रिछपाल और नरेंद्र सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्रीय वन अधिकारी उमेश बागोतिया ने बताया कि तूफान को देखते हुए अभयारण्य सहित पूरे क्षेत्र में गश्त कर स्थिति का आकलन किया गया। गनीमत रही कि अभयारण्य में तूफान से किसी भी वन्यजीव को कोई नुकसान नहीं हुआ।

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