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खेतड़ी में ट्रस्ट की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन:एसडीएम कार्यालय के सामने ग्रामीणों-व्यापारियों का धरना-प्रदर्शन


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खेतड़ी में ट्रस्ट की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन:एसडीएम कार्यालय के सामने ग्रामीणों-व्यापारियों का धरना-प्रदर्शन

खेतड़ी में ट्रस्ट की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन:एसडीएम कार्यालय के सामने ग्रामीणों-व्यापारियों का धरना-प्रदर्शन

खेतड़ी : खेतड़ी कस्बे में एक ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और सार्वजनिक रास्तों को अवरुद्ध करने के विरोध में जनआंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले कई दिनों से एसडीएम कोर्ट के बाहर धरना दे रहे ग्रामीणों और व्यापारियों ने शनिवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

विरोध कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि खेतड़ी कस्बा रियासत कालीन समय से अपनी ऐतिहासिक पहचान के लिए जाना जाता रहा है। उस दौर में यहां कई भवन, महल और किले बनाए गए थे। भोपालगढ़ किला भी सामरिक और रिहायशी दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आज भी भोपालगढ़ ग्राम में लोग निवास कर रहे हैं, लेकिन ट्रस्ट के लोगों द्वारा मुख्य द्वार पर ताला लगाकर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है।

किले के मुख्य द्वार पर गेट लगाने से भड़की नाराजगी

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भोपालगढ़ किले के मुख्य द्वार पर गेट लगाकर आम लोगों की आवाजाही रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों के दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है और ऐतिहासिक धरोहर तक पहुंच भी सीमित हो रही है।

सार्वजनिक रास्तों पर दीवारें बनाकर आवागमन बाधित

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि खेतड़ी कस्बे के कई स्थानों पर ट्रस्ट द्वारा सार्वजनिक रास्तों पर कब्जा कर दीवारें खड़ी कर दी गई हैं, जिससे लोगों की आवाजाही में भारी दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों और व्यापारियों ने इसे आमजन के अधिकारों का उल्लंघन बताया।

अवैध गेट हटाने और मुकदमे वापस लेने की मांग

विरोध के दौरान ग्रामीणों ने भोपालगढ़ मार्ग पर लगे अवैध गेट को तुरंत हटाने, व्यापारियों और ग्रामीणों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और सार्वजनिक संपत्तियों व प्राचीन मंदिरों में ट्रस्ट के हस्तक्षेप को रोकने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

इस मौके पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पारस वर्मा सहित गोकुल चंद सैनी, अरुण पारीक, अरविंद सिंह निर्वाण, निकेश पारीक, भूपेंद्र सिंह सोढ़ा, श्याम सिंह चौहान, रामावतार वर्मा, प्रदीप सुरोलिया, सुरेश कुमार कुमावत, लाल सिंह इन्दा, नरेश कुमार, मान सिंह, बद्री प्रसाद सैनी, सांवरमल यादव, शिव कुमार सैनी, रोशन लाल कुमावत, मूलचंद सैनी और सुगन लाल वर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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