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देवता गांव में बाबा हीरामल मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव:साडू माता, देवनारायण सहित कई मूर्तियों की स्थापना, कलश यात्रा निकली


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देवता गांव में बाबा हीरामल मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव:साडू माता, देवनारायण सहित कई मूर्तियों की स्थापना, कलश यात्रा निकली

देवता गांव में बाबा हीरामल मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव:साडू माता, देवनारायण सहित कई मूर्तियों की स्थापना, कलश यात्रा निकली

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : विजेन्द्र शर्मा

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड क्षेत्र के देवता गांव स्थित बाबा हीरामल महाराज मंदिर में बुधवार को साडू माता, भगवान देवनारायण और काला गोरा भेरुजी की मूर्तियों की विधिवत मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम गुरुजी शीशराम और सेवापति कप्तान राजेंद्र प्रसाद के सानिध्य में आयोजित हुआ, जिसमें गुरुजी बाबूलाल, मुखाराम, सांवलराम सहित 31 स्थानों से आए गुरुजी एवं गोठिया उपस्थित रहे।

प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व गांव में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें 321 महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भेरुजी मंदिर से बंजारा, पुराना गांव, खतियान, मरोडिया, पंडितों का, कुम्हारों का, राजपूतों का, योगियों का और गुर्जरों के मोहल्लों से होते हुए खेल मैदान मार्ग से बाबा हीरामल महाराज मंदिर पहुंचीं। यात्रा के दौरान डीजे की धुन पर महिलाएं नाचती-गाती रहीं और “देवनारायण भगवान की जय” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया।मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्तियों की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा विधि-विधान से संपन्न हुई। गुरुजी शीशराम ने बताया कि सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों में विधिपूर्वक प्राण स्थापित किए गए। इसके पश्चात हवन, पूर्णाहुति एवं महाआरती का आयोजन हुआ। इस दौरान भगवान देवनारायण, साडू माता, कालस देव, काला गोरा भेरुजी, जगदंबा माता एवं शंकर दास महाराज को सवा शेर कांसे का भोग अर्पित किया गया।

धार्मिक परंपरा के तहत 31 कन्याओं को भोजन कराकर दक्षिणा दी गई। इसके बाद मंदिर परिसर में देसी घी से बने विभिन्न व्यंजनों के साथ विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें गुरुजी, गोठियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।इससे पूर्व मंगलवार रात को भव्य जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न स्थानों से आए गुरुजी और गोठियों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के दौरान पूरे गांव में धार्मिक माहौल बना रहा और सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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