ऐतिहासिक सेठानी का जोहड़ा एक यादगार जंग का गवाह बना
हार -जीत जहां कोई मकसद नहीं रखता
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : जिला मुख्यालय पर आज ऐतिहासिक मैदान सेठानी का जोहड़ा पर एक यादगार जंग का गवाह बना, जहाँ क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर नजर आया। मुकाबला था अयूब खान रिसालदार रिटायर्ड एडिशनल एसपी की दमदार टीम और शौकत खान मुन्याण रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर सेल टैक्स झारिया की जुझारू टीम के बीच। यह मैच किसी आम मुकाबले जैसा नहीं, बल्कि दो देशों के बीच की तरह दिल की धड़कनें बढ़ा देने वाला रहा। हर गेंद पर सस्पेंस, हर रन पर शोर और आखिरी गेंद तक जीत-हार का फैसला अधर में लटका रहा।
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए अयूब खान रिसालदार की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए 11 ओवर में 111 रन बनाए और 112 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। जवाब में शौकत खान मुन्याण की टीम ने भी जबरदस्त जज़्बा दिखाया, लेकिन 11 ओवर में 105 रन ही बना सकी और जीत अयूब खान रिसालदार की टीम के नाम रही।
मैदान के चारों तरफ हजारों दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी थी, राह चलते फोर व्हीलर भी रुक गए आसपास के बस्तियों के बच्चे और बुड्ढे भी मैच का आनंद लेने के लिए रुके रहे। जिनका जोश, तालियां और उत्साह इस मैच को और भी खास बना रहा था। हर चौके-छक्के पर गूंजती आवाजें और हर विकेट पर उठता शोर-यह सब मिलकर इस मुकाबले को एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय पल बना गया।
वाकई, यह सिर्फ एक मैच नहीं था, बल्कि जुनून, जज़्बे और खेल भावना का शानदार उत्सव था, जिसे हर किसी ने दिल से महसूस किया। दो दोस्तों की टीम ने परिवार के बच्चों के साथ ढलती उम्र का तकाजा लेकिन फिर भी क्रिकेट का खूब आनंद लिया इस खेल में हार जीत कोई मायने नहीं रखता दोनों ही टीम खुश नजर आ रही थी फिर भी ट्रॉफी साझा की गई। इस तरह के खेल के मैदान में मैच आपसी भाईचारा -सौहार्द -प्यार और मोहब्बत का पैगाम देता हैं। मैच का आनंद लेते हुए दशकों ने भी काफी एंजॉय किया। यह मैदान एक दोस्ती की मिसाल का गवाह बना।
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