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स्थानीय न्यायिक मजिस्ट्रेट सरीता कायथ ने एक चेक अनादरण के मामले में आरोपी को 6 माह का कारावास व 4.50 लाख रुपए जुर्माना की सजा से किया दण्डित


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स्थानीय न्यायिक मजिस्ट्रेट सरीता कायथ ने एक चेक अनादरण के मामले में आरोपी को 6 माह का कारावास व 4.50 लाख रुपए जुर्माना की सजा से किया दण्डित

स्थानीय न्यायिक मजिस्ट्रेट सरीता कायथ ने एक चेक अनादरण के मामले में आरोपी को 6 माह का कारावास व 4.50 लाख रुपए जुर्माना की सजा से किया दण्डित

बीदासर : स्थानीय सिविल न्यायालय एव न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चेक अनादरण (धारा 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम) के एक अहम प्रकरण में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी विमल कुमार पुत्र भंवरलाल निवासी बीदासर को 4 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना तथा 6 माह के कारावास की सजा सुनाई, जिससे क्षेत्र में वित्तीय अनुशासन को लेकर एक स्पष्ट संदेश गया है।

प्रकरण के अनुसार, परिवादी को देय राशि के भुगतान हेतु आरोपी द्वारा एक चेक जारी किया गया था, जिसे परिवादी ने नियमानुसार बैंक में प्रस्तुत किया। किन्तु चेक अपर्याप्त धनराशि के कारण अनादृत (बाउंस) हो गया। इसके बाद परिवादी ने विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपी को लीगल नोटिस भेजा, लेकिन निर्धारित समयावधि में भुगतान नहीं किया गया परिणामस्वरूप मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने परिवादी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजी साक्ष्य, बैंक रिटर्न मेमो, नोटिस एवं अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।

न्यायालय ने दोनो पक्षों की बहस सुनकर फैसला सुनाया । बहस के दौरान परिवादी की ओर से न्यायिक दृष्टांत पेश किये गए इस मामले में परिवादी की ओर से एडवोकेट कमल गोयतान ने पैरवी की यह निर्णय से क्षेत्र में चेक बाउंस के मामलों में एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है और आमजन के लिए चेतावनी है कि वित्तीय दायित्वों की अनदेखी गंभीर परिणाम ला सकती है।

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