ज्योतिबा फुले की जयंती पर सरकारी टीचर बने कलाकार:समिति अध्यक्ष बोले-शिक्षा ही समाज बदलाव की ताकत, सामाजिक संदेशों पर आधारित नाट्य प्रस्तुत किया
ज्योतिबा फुले की जयंती पर सरकारी टीचर बने कलाकार:समिति अध्यक्ष बोले-शिक्षा ही समाज बदलाव की ताकत, सामाजिक संदेशों पर आधारित नाट्य प्रस्तुत किया
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : अशोक सिंह
नीमकाथाना : नीमकाथाना में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई। यह कार्यक्रम महात्मा ज्योतिबा फुले आवासीय शिक्षण संस्थान में आयोजित हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर, नीमकाथाना विधायक, उदयपुरवाटी विधायक और पूर्व विधायक सहित कई अतिथि मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।


कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महात्मा फुले के जीवन, उनके संघर्ष और समाज सुधार के लिए किए गए कार्यों पर विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि फुले ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम माना और जीवनभर दलितों, महिलाओं तथा वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया।
प्रेम सिंह बाजौर ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही वह आधार है, जिससे व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास संभव है। उन्होंने युवाओं से महात्मा फुले के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

जयंती समारोह के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। स्कूली बच्चों के साथ-साथ सरकारी टीचर्स ने भी कलाकार की भूमिका निभाते हुए मंच पर शानदार प्रस्तुतियां दीं।
देशभक्ति गीत, लोकनृत्य और सामाजिक संदेशों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। शिक्षकों ने न केवल मार्गदर्शक बल्कि कलाकार बनकर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से महात्मा फुले के विचारों और समाज सुधार के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
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