[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

उदयपुरवाटी में अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस पर आध्यात्मिक चर्चा:मानव जीवन के उद्देश्य और चेतना शक्ति पर चर्चा की, मेडिटेशन का महत्व बताया


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
उदयपुरवाटीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

उदयपुरवाटी में अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस पर आध्यात्मिक चर्चा:मानव जीवन के उद्देश्य और चेतना शक्ति पर चर्चा की, मेडिटेशन का महत्व बताया

उदयपुरवाटी में अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस पर आध्यात्मिक चर्चा:मानव जीवन के उद्देश्य और चेतना शक्ति पर चर्चा की, मेडिटेशन का महत्व बताया

उदयपुरवाटी : उदयपुरवाटी में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थानीय शाखा में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य और चेतना की शक्ति पर विस्तार से चर्चा की।

राजयोग शिक्षिका सुनीता दीदी ने बताया- चेतना ही जीवन की दिशा और दशा निर्धारित करती है। उन्होंने कहा कि यदि चेतना नकारात्मक हो तो परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण लगती हैं, जबकि सकारात्मक और आत्मिक चेतना होने पर परिस्थितियां अवसर में बदल जाती हैं।

दीदी ने यह भी बताया- मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्ति अपनी चेतना को परमात्म शक्ति से जोड़कर आंतरिक रूप से सशक्त बन सकता है। उन्होंने प्रतिदिन आत्म-चिंतन, सकारात्मक सोच और ध्यान के लिए समय निकालने की सलाह दी।

आनंदश्री चेतना केंद्र के संचालक डॉ. लोकेशवरानंद महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि आज का मानव भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भागते हुए अपनी वास्तविक पहचान भूल गया है। उन्होंने विस्मृति, तनाव, भय, क्रोध और अशांति को इसका मूल कारण बताया।

एडवोकेट मोतीलाल सैनी ने इस बात पर जोर दिया कि विश्व में शांति स्थापित करने के लिए बाहरी प्रयासों से पहले आंतरिक परिवर्तन आवश्यक है। कार्यक्रम में कमलेश यादव और रामावतार गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर सत्यनारायण असवाल, सुल्तान सिंह, वीरेंद्र कुमार सैनी, भंवरलाल, सोनू सैनी, हर्षित कुमार, निर्मल जांगिड़, रतनलाल, इंदिरा असवाल, गायत्री कुमारी, मुखी देवी, सविता सैनी, मणि जांगिड़, सुशीला देवी, शांति देवी और ग्यारसी देवी सहित कई लोग उपस्थित थे।

Related Articles