सरकारी सिस्टम का ‘मौत वाला कनेक्शन’: पानी में दौड़ता करंट और सोता हुआ सिस्टम…
मौत का करंट दे सकता है कभी भी झटका: नगर परिषद और बिजली विभाग की लापरवाही से वार्ड 5 में बिछा 'डेथ ट्रैप'
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : आबिद खान
फतेहपुर : एक तरफ विद्युत विभाग आम जनता पर वीसीआर के कड़े फरमान थोपता है, तो दूसरी तरफ फतेहपुर कस्बे के वार्ड 5 में नगर परिषद की बदहाल जल निकासी व्यवस्था और बीच सड़क पर खुले पड़े बिजली के तार खुद प्रशासन की लापरवाही का गुणगान कर रहे हैं।
वार्ड 5 में खुद सरकारी सिस्टम मौत का जाल बिछाए बैठा है। नगर परिषद की पानी निकासी व्यवस्था यहाँ न सिर्फ चौपट है, बल्कि इंसानी जिंदगी के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। सड़क पर लबालब भरे गंदे पानी के बीच बिजली के केबल और पोल पर लटकता नंगा मीटर किसी भी पल बेगुनाह राहगीरों को मौत की नींद सुला सकता है।
यह स्थिति किसी भी समय राहगीरों और स्कूली बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। टीम सत्यमेव जयते के इरशाद खान ने मौके का जायजा लेते हुए इसे ‘मौत का जाल’ करार दिया है।

अधिकारियों की चुप्पी, तानाशाही का प्रमाण
जब इस गंभीर मामले पर जवाब लेने के लिए हमारी टीम ने नगर परिषद आयुक्त अनिता खीचड़ से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। मीडिया के कॉल्स और मैसेज को लगातार इग्नोर करना आयुक्त के तानाशाही रवैये को दर्शाता है। जो कई बार हो चुका हैं।

पार्षद प्रतिनिधि ने माना- कनेक्शन परिषद का है
मामले को लेकर जब वार्ड पार्षद प्रतिनिधि सुरेंद्र महिचा से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि मोहल्ले की नालियों का पानी पंप के जरिए बाहर निकालने के लिए जो विद्युत कनेक्शन लिया गया है, वह नगर परिषद का ही है। अब सवाल यह है कि जनता की सुरक्षा को ताक पर रखकर बिजली के नंगे तारों को पानी के बीच असुरक्षित छोड़ना आखिर किसकी जिम्मेदारी है? क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही हरकत में आएगा? या फिर बिजली विभाग नगर परिषद को खुले पड़े तारो को लेकर वीसीआर का फरमान भेजेगा.. ये देखना होगा… !
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