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रिटायर्ड फौजी की बेटी बोली- खून का बदला खून होगा:तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक पापा को इंसाफ नहीं दिला देते


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रिटायर्ड फौजी की बेटी बोली- खून का बदला खून होगा:तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक पापा को इंसाफ नहीं दिला देते

रिटायर्ड फौजी की बेटी बोली- खून का बदला खून होगा:तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक पापा को इंसाफ नहीं दिला देते

चिड़ावा : झुंझुनूं में रिटायर्ड फौजी उदयवीर सिंह चाहर (50) की हत्या के मामले में उनकी बेटी अनमोल ने आरोपी को फांसी देने की मांग की है।अनमोल ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा- पुलिस ने अकरम (आरोपी) को पकड़ लिया है। मुझे लगता है कि कानून शायद उसे फांसी की सजा न दे। हो सकता है कि उसे 5 साल, 10 या 20 साल की जेल हो। हम ये नहीं चाहते। हमें उसकी मौत ही चाहिए। खून का बदला खून होगा। तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक हम अपने पापा को इंसाफ न दिला लें। बेटी ने कहा- पापा मुझे बोलकर गए थे कि बेटा आधा-एक घंटे में वापस आ रहा हूं। लेकिन जब घर आए तो कफन में लिपटे हुए थे।

हत्या के बाद बुलडोजर से गिराया आरोपी का मकान

चिड़ावा थाना इलाके के गांव बामनवास में 29 मार्च को उदयवीर सिंह की अकरम (45) ने चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद गांव में रोष फैल गया। 30 मार्च को ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। इसके बाद प्रशासन ने आरोपी के घर का अवैध हिस्सा बुलडोजर से गिरा दिया था। उदयवीर सिंह के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा दिनेश है। उसने IIT दिल्ली से पढ़ाई की है। वह दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। दो बेटियां सचिन और अनमोल नर्सिंग कर रही हैं।

प्रशासन ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए आरोपी के मकान के अवैध हिस्से को 30 मार्च को बुलडोजर से गिरा दिया था।

मेरे पापा के आखिरी शब्द थे- ‘मुझे बचा लो’

अनमोल ने वीडियो में कहा- 29 मार्च हमारी जिंदगी का सबसे काला, खौफनाक और भयानक दिन था। रात 8 से 8:30 के बीच गांव के लड़के अकरम ने मेरे पापा को धोखे से बुलाकर जान से मार दिया। चाकू से उनके पूरे पेट को चीर दिया। पेट का पूरा सामान बाहर निकाल दिया और वहां से फरार हो गया।

मेरे पापा के आखिरी शब्द थे कि…मुझे बचा लो। बचा नहीं पाए। 20 साल मेरे पापा ने देश की सेवा की। अपनी जिंदगी देश के नाम की। अगर ये देश उन्हें इंसाफ दिलाने में नाकाम रहा तो ये बहुत ही कलंक की बात होगी। हमने अपनी मांग सरकार के आगे रखी है। जिसमें सबसे पहले अकरम को फांसी देने की मांग की है।

अनमोल ने कहा- सभी लोग इस लड़ाई में हमारा साथ दें। जिससे मेरी आवाज ऊपर तक पहुंचे। सरकार हरकत में आए, हमें इंसाफ मिले। पापा को तो हमने खो दिया। मगर उनके बच्चे इतने कमजोर नहीं हैं कि उन्हें इंसाफ तक न दिलवा पाएं। उसने कहा- मैं और भाई-बहन अपने पिता को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ेंगे।

बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठाने वालों से पूछा सवाल

अकरम का घर तोड़ने पर सवाल उठाने वालों को लेकर अनमोल ने कहा- ‘कुछ नेता जो अकरम के पक्ष में हैं, उनका कहना है कि अकरम को सजा मिले, मगर उसके घर को न तोड़ा जाए। जब अकरम ने बेरहमी से मेरे पिता की हत्या की, तब ये लोग कहां थे। मेरे घर को बर्बाद किया। मेरी सारी खुशियां छीन ली। मेरी मां दो दिन से बेहोश पड़ी है, क्या वो सही है? सरकारी भूमि पर आरोपी गैरकानूनी तरीके से रह रहे हैं। वो घर तोड़ा जा रहा है, वह गलत है। आखिर क्या गलती थी मेरे पापा की?’

गांव में तैनात पुलिस फोर्स

घटना के बाद से गांव में खेतड़ी, खेतड़ी नगर, बिसाऊ, मलसीसर, धनुरी, उदयपुरवाटी, गुढ़ागौड़जी, सूरजगढ़ और मेहड़ा थानों की पुलिस तैनात है। आरएसी (RAC) और पुलिस लाइन के जवान भी गांव में ड्यूटी पर हैं। 100 से ज्यादा जवान गांव के विभिन्न पॉइंट्स पर मुस्तैद हैं। झुंझुनूं में रिटायर्ड फौजी उदयवीर सिंह चाहर (50) की हत्या के मामले में उनकी बेटी अनमोल ने आरोपी को फांसी देने की मांग की है।

अनमोल ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा- पुलिस ने अकरम (आरोपी) को पकड़ लिया है। मुझे लगता है कि कानून शायद उसे फांसी की सजा न दे। हो सकता है कि उसे 5 साल, 10 या 20 साल की जेल हो। हम ये नहीं चाहते। हमें उसकी मौत ही चाहिए। खून का बदला खून होगा। तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक हम अपने पापा को इंसाफ न दिला लें। बेटी ने कहा- पापा मुझे बोलकर गए थे कि बेटा आधा-एक घंटे में वापस आ रहा हूं। लेकिन जब घर आए तो कफन में लिपटे हुए थे।

हत्या के बाद बुलडोजर से गिराया आरोपी का मकान

चिड़ावा थाना इलाके के गांव बामनवास में 29 मार्च को उदयवीर सिंह की अकरम (45) ने चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद गांव में रोष फैल गया। 30 मार्च को ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। इसके बाद प्रशासन ने आरोपी के घर का अवैध हिस्सा बुलडोजर से गिरा दिया था। उदयवीर सिंह के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा दिनेश है। उसने IIT दिल्ली से पढ़ाई की है। वह दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। दो बेटियां सचिन और अनमोल नर्सिंग कर रही हैं।

मेरे पापा के आखिरी शब्द थे- ‘मुझे बचा लो’

अनमोल ने वीडियो में कहा- 29 मार्च हमारी जिंदगी का सबसे काला, खौफनाक और भयानक दिन था। रात 8 से 8:30 के बीच गांव के लड़के अकरम ने मेरे पापा को धोखे से बुलाकर जान से मार दिया। चाकू से उनके पूरे पेट को चीर दिया। पेट का पूरा सामान बाहर निकाल दिया और वहां से फरार हो गया।

मेरे पापा के आखिरी शब्द थे कि…मुझे बचा लो। बचा नहीं पाए। 20 साल मेरे पापा ने देश की सेवा की। अपनी जिंदगी देश के नाम की। अगर ये देश उन्हें इंसाफ दिलाने में नाकाम रहा तो ये बहुत ही कलंक की बात होगी। हमने अपनी मांग सरकार के आगे रखी है। जिसमें सबसे पहले अकरम को फांसी देने की मांग की है।

अनमोल ने कहा- सभी लोग इस लड़ाई में हमारा साथ दें। जिससे मेरी आवाज ऊपर तक पहुंचे। सरकार हरकत में आए, हमें इंसाफ मिले। पापा को तो हमने खो दिया। मगर उनके बच्चे इतने कमजोर नहीं हैं कि उन्हें इंसाफ तक न दिलवा पाएं। उसने कहा- मैं और भाई-बहन अपने पिता को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ेंगे।

बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठाने वालों से पूछा सवाल

अकरम का घर तोड़ने पर सवाल उठाने वालों को लेकर अनमोल ने कहा- ‘कुछ नेता जो अकरम के पक्ष में हैं, उनका कहना है कि अकरम को सजा मिले, मगर उसके घर को न तोड़ा जाए। जब अकरम ने बेरहमी से मेरे पिता की हत्या की, तब ये लोग कहां थे। मेरे घर को बर्बाद किया। मेरी सारी खुशियां छीन ली। मेरी मां दो दिन से बेहोश पड़ी है, क्या वो सही है? सरकारी भूमि पर आरोपी गैरकानूनी तरीके से रह रहे हैं। वो घर तोड़ा जा रहा है, वह गलत है। आखिर क्या गलती थी मेरे पापा की?’

गांव में तैनात पुलिस फोर्स

घटना के बाद से गांव में खेतड़ी, खेतड़ी नगर, बिसाऊ, मलसीसर, धनुरी, उदयपुरवाटी, गुढ़ागौड़जी, सूरजगढ़ और मेहड़ा थानों की पुलिस तैनात है। आरएसी (RAC) और पुलिस लाइन के जवान भी गांव में ड्यूटी पर हैं। 100 से ज्यादा जवान गांव के विभिन्न पॉइंट्स पर मुस्तैद हैं।

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