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जीणमाता से लौटा बत्तीसी संघ, पथवारी माता मंदिर में महाआरती:ऊंट, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पावस पहुंचे, श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद


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जीणमाता से लौटा बत्तीसी संघ, पथवारी माता मंदिर में महाआरती:ऊंट, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पावस पहुंचे, श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद

जीणमाता से लौटा बत्तीसी संघ, पथवारी माता मंदिर में महाआरती:ऊंट, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पावस पहुंचे, श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत

नीमकाथाना : जीणमाता मेले के समापन के बाद बत्तीसी संघ 6 दिन की यात्रा पूरी कर अपने-अपने गांवों में सकुशल लौट आया। 32 गांवों के श्रद्धालु ऊंट, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के माध्यम से पावस पहुंचे।

शहर के रावजी के मोहल्ले स्थित पथवारी माता मंदिर में बत्तीसी संघ के श्रद्धालु देर शाम एकत्रित हुए। यहां माता की विधिवत पूजा-अर्चना की गई और भव्य महाआरती का आयोजन हुआ। महाआरती के दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

इस दौरान स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे और जीण माता यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं का आशीर्वाद लिया। भक्त नाचते-गाते हुए पथवारी माता मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने धोक लगाई और परिवार की खुशहाली की कामना की।

गौरतलब है कि तंवरावाटी क्षेत्र के 32 गांवों को मिलाकर बत्तीसी संघ का गठन होता हुआ था। यह संघ हर वर्ष जीणमाता मेले में भाग लेने के लिए ऊंट, ट्रैक्टर-ट्रॉली व पिकअप गाड़ियों से रवाना होता है। श्रद्धालु 6 दिन की पैदल यात्रा कर जीणमाता पहुंचते हैं, जहां विधि-विधान से माता को चुनरी ओढ़ाई जाती है और पूजा-अर्चना की जाती है।

धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण करने के बाद श्रद्धालु माता के दरबार में धोक लगाकर अपने गांवों के लिए प्रस्थान करते हैं। इस पूरी यात्रा में आस्था, अनुशासन और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

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