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झुंझुनूं में दूल्हे की तरह घोड़ी पर सवार हुई बेटी:घोड़ी पर बैठाकर गांव में घुमाया, पिता बोले- पुरानी परंपराओं को बदलना बहुत जरूरी


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झुंझुनूं में दूल्हे की तरह घोड़ी पर सवार हुई बेटी:घोड़ी पर बैठाकर गांव में घुमाया, पिता बोले- पुरानी परंपराओं को बदलना बहुत जरूरी

झुंझुनूं में दूल्हे की तरह घोड़ी पर सवार हुई बेटी:घोड़ी पर बैठाकर गांव में घुमाया, पिता बोले- पुरानी परंपराओं को बदलना बहुत जरूरी

झुंझुनूं : झुंझुनूं के जीता का बास (घरडाना कलां) गांव में शुक्रवार को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को धरातल पर उतारते हुए एक भव्य शाही बिंदोरी निकाली गई। महिला अधिकारिता विभाग में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत अल्का पूनियां के विवाह के अवसर पर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने परंपरा को बदलते हुए उन्हें घोड़ी पर बैठाकर पूरे गांव में घुमाया। इस दौरान डीजे की धुन पर रंग-बिरंगे कपड़ों में महिलाएं थिरकती नजर आईं। विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्यौला और अन्य स्टाफ ने इस पहल के जरिए समाज को बेटियों की सक्षमता का संदेश दिया।

दूल्हे की तरह घोड़ी पर सवार हुई बेटी

आमतौर पर शादी की रस्मों में केवल दूल्हा ही घोड़ी पर सवार होकर बिंदोरी निकालता है, लेकिन अल्का पूनियां के मामले में विभाग ने इस पुरानी परंपरा को बदलकर नया उदाहरण पेश किया। अल्का ने घोड़ी पर बैठकर पूरे गांव का दौरा किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए। विभाग के इस कदम का मकसद समाज की संकीर्ण सोच को बदलना और लड़कियों को बराबरी का हक दिलाना है।

डीजे की गूंजती धुन, रंग-बिरंगे परिधानों में थिरकती महिलाएं और महिला अधिकारिता विभाग में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत अल्का पूनियां।
डीजे की गूंजती धुन, रंग-बिरंगे परिधानों में थिरकती महिलाएं और महिला अधिकारिता विभाग में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत अल्का पूनियां।

विभागीय अधिकारियों ने बढ़ाया मान

इस आयोजन में महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्यौला खुद शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक रस्म नहीं बल्कि एक सामाजिक बदलाव है। उनके साथ राजस्थान शिक्षण संस्थान चिड़ावा की चेयरमैन निकिता थालौर भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने बताया कि बेटियों को हर क्षेत्र में सम्मान मिलना चाहिए और विभाग अपनी साथी कर्मचारी के इस खास दिन को यादगार बनाकर समाज को जागरूक करना चाहता है।

विभाग की साथी कर्मचारी का उत्साहवर्धन करने के लिए उपनिदेशक विप्लव न्यौला स्वयं मौजूद रहे।
विभाग की साथी कर्मचारी का उत्साहवर्धन करने के लिए उपनिदेशक विप्लव न्यौला स्वयं मौजूद रहे।

पिता और बेटी ने जताई खुशी

बेटी की शाही बिंदोरी निकलते देख पिता रणजीत सिंह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि समय के साथ पुरानी परंपराओं को बदलना बहुत जरूरी है। वहीं, सुपरवाइजर अल्का पूनियां ने बताया कि आज उन्हें महसूस हो रहा है कि समाज वाकई बदल रहा है और लड़कियों को बराबरी का दर्जा मिलना अब हकीकत बन रहा है। इस दौरान विभाग की सुपरवाइजर पूजा कुमारी, मोनिका, सरिता, सुनीता और सहायक प्रशासनिक अधिकारी मनोज स्वामी सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।

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