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BOB ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक रुपए लेकर भागा:महिला गोल्ड लेने बैंक गई तो फर्जीवाड़े का पता चला, FD की भी फर्जी स्लिप दी


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BOB ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक रुपए लेकर भागा:महिला गोल्ड लेने बैंक गई तो फर्जीवाड़े का पता चला, FD की भी फर्जी स्लिप दी

BOB ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक रुपए लेकर भागा:महिला गोल्ड लेने बैंक गई तो फर्जीवाड़े का पता चला, FD की भी फर्जी स्लिप दी

सीकर : सीकर में बैंक ऑफ बड़ौदा का ग्राहक सेवा केंद्र महिला के लाखों रुपए लेकर फरार हो गया। गोल्ड लेने के लिए जब महिला बैंक गई, तब उन्हें अपने साथ हुए फर्जीवाड़े का पता चला। इतना ही नहीं ग्राहक सेवा केंद्र संचालक ने फिक्स्ड डिपॉजिट की फर्जी स्लिप भी दी। कोतवाली थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सीकर निवासी पूनम आसवानी ने कोतवाली पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि उनका सीकर में फागलवा पेट्रोल पंप स्थित बैंक ऑफ़ बड़ौदा में अकाउंट है। बैंक की इसी ब्रांच का एक ग्राहक सेवा केंद्र सुरेंद्र ढाका चलाता था। 2015 से वह ग्राहक सेवा केंद्र संचालित कर रहा था। जो बैंक में डिपॉजिट और विड्रॉल के अलावा लोन दिलवाने का काम भी करता। उसके जरिए पूनम ने तीन-चार बार गोल्ड लोन लिया।

आरोपी के जरिए ही बैंकिंग के सभी काम करती थी महिला

हालांकि बाद में पैसा पूरा जमा करवाकर गोल्ड वापस ले लिया। ऐसे में पूनम और उनके परिवार के सुरेंद्र ढाका से अच्छे संपर्क हो गए। पूनम और उनके परिवार के सभी बैंकिंग के काम उसी के जरिए होते थे। सितंबर 2025 में पूनम ने सुरेंद्र ढाका के जरिए जेवरात रखकर 2 लाख का गोल्ड लोन ले लिया। जनवरी 2026 में जेवरात वापस लेना था। इसलिए पूनम ने लोन अमाउंट की पूरी राशि सुरेंद्र को जमा करवा दी।

जनवरी 2026 के लास्ट वीक में जब पूनम अपना गोल्ड लेने के लिए बैंक गई तो वहां उन्हें कहा गया कि 2 लाख रुपए और इंटरेस्ट जमा करवाओ। तब पूनम ने बैंक स्टाफ को कहा कि उसने तो पहले ही सुरेंद्र को पैसे जमा करवा दिए। फिर बैंक स्टाफ ने पूनम को बताया कि उसके लोन अमाउंट की कोई भी राशि जमा नहीं है। 17 जनवरी से ग्राहक सेवा केंद्र भी बंद है। जब पूनम ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक सुरेंद्र ढाका के घर पर गई तो वहां उसकी पत्नी मिली जिसने भी कोई ठीक जवाब नहीं दिया। इसके बाद पूनम को पता चला कि सुरेंद्र ढाका तो फरार हो गया।

परिवार के लोगों ने करवा रखी थी एफडी

पूनम के अनुसार सुरेंद्र ढाका ने उनसे 1.50 लाख रुपए उधार भी लिए हुए थे, वह भी नहीं दिए। इसके अलावा पूनम के परिवार के सदस्यों ने सुरेंद्र के पास फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए करीब 4.90 लाख रुपए भी जमा करवाए थे। सुरेंद्र ने इस अमाउंट का फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट सर्टिफिकेट बनाकर दे दिया था। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच पुलिस थाने के ASI विद्याधर सिंह कर रहे हैं।

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