[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

लोहिया कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर, ‘राजस्थान फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम’ के तहत रोजगारोन्मुख कोर्स शुरू


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चूरूटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

लोहिया कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर, ‘राजस्थान फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम’ के तहत रोजगारोन्मुख कोर्स शुरू

लोहिया कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर, ‘राजस्थान फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम’ के तहत रोजगारोन्मुख कोर्स शुरू

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : राजस्थान सरकार के कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय द्वारा युवाओं को रोजगार के प्रति सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘राजस्थान फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम’ (वित्तीय वर्ष 2024-25) शुरू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत राजकीय लोहिया महाविद्यालय, चूरू को विशेष प्रशिक्षण केंद्र के रूप में चयनित किया गया है, जहां विद्यार्थियों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा।

महाविद्यालय में दो प्रमुख क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले क्षेत्र अपैरल सेक्टर में सिलाई मशीन ऑपरेटर का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें कुल चार बैच संचालित होंगे। वहीं लॉजिस्टिक सेक्टर में सप्लाई चेन एग्जीक्यूटिव (सस्टेनेबिलिटी) का प्रशिक्षण भी चार बैचों में कराया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से कुल 240 विद्यार्थियों को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह प्रशिक्षण मॉडल विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उन्हें समग्र कौशल प्रदान करेगा। प्रशिक्षण में 70 प्रतिशत भाग संबंधित क्षेत्र का तकनीकी प्रशिक्षण, 20 प्रतिशत भाग डिजिटल स्किल्स जैसे एमएस ऑफिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मूलभूत ज्ञान, साइबर सुरक्षा और क्लाउड टूल्स से जुड़ा होगा, जबकि 10 प्रतिशत भाग सॉफ्ट स्किल्स जैसे इंटरव्यू की तैयारी, प्रभावी संवाद और व्यक्तित्व विकास पर केंद्रित रहेगा।

इस कार्यक्रम में स्नातक और स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के नियमित विद्यार्थी तथा महाविद्यालय से उत्तीर्ण युवा, जिनकी आयु 18 से 35 वर्ष के बीच है, आवेदन कर सकते हैं।

सरकार ने प्रशिक्षण शुल्क में भी रियायत दी है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा सभी महिला अभ्यर्थियों को कुल प्रशिक्षण लागत का केवल 10 प्रतिशत शुल्क देना होगा, जबकि सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों को 20 प्रतिशत शुल्क देना होगा।

इस कार्यक्रम की विशेषता यह है कि प्रशिक्षण देने वाले संस्थान के लिए कम से कम 70 प्रतिशत प्रशिक्षित विद्यार्थियों का प्लेसमेंट सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण पूरी तरह ऑफलाइन होगा, जिसमें विशेषज्ञों के साथ संवाद और इंडस्ट्री विजिट भी शामिल होंगे।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मंजु शर्मा ने बताया कि बैच शुरू करने की प्रक्रिया मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। दोनों कोर्सों में सीटें सीमित हैं और प्रवेश पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी अधिक जानकारी और आवेदन के लिए महाविद्यालय में नियुक्त नोडल अधिकारी डॉ. एम.एम. शेख, प्रोफेसर, लोहिया कॉलेज से संपर्क कर सकते हैं।

Related Articles