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बिसाऊ का नीलकंठ महादेव प्रतिमा स्थल बना आस्था और पिकनिक का केंद्र


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बिसाऊ का नीलकंठ महादेव प्रतिमा स्थल बना आस्था और पिकनिक का केंद्र

132 फीट ऊंची प्रतिमा आकर्षण का केंद्र, महाशिवरात्रि पर लख्खी मेले की तैयारी

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : लतीफ खांन

बिसाऊ : कस्बे के चूरू रोड स्थित 132 फीट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा वाला नीलकंठ महादेव प्रतिमा स्थल बिसाऊ अब शेखावाटी क्षेत्र में आस्था के साथ-साथ प्रमुख पिकनिक स्पॉट के रूप में भी पहचान बना चुका है।

आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच सुकून के पल बिताने के लिए रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु व परिवार दर्शन और आरती के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर की भव्यता, साफ-सफाई और सुव्यवस्थित वातावरण लोगों को बार-बार आने के लिए प्रेरित करता है।

यह मंदिर सेठ महावीर प्रसाद जटिया परिवार द्वारा निर्मित है। बिसाऊ सहित आसपास के गांवों और कस्बों से भी लोग समय निकालकर यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। परिसर में हरियाली, बैठने की समुचित व्यवस्था और बच्चों-बड़ों के लिए झूले इसे पारिवारिक सैर-सपाटे के लिए उपयुक्त बनाते हैं।

मिनी पार्क और झूले बने आकर्षण

मंदिर परिसर में विकसित मिनी पार्क बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से आकर्षित करता है। खुले वातावरण में लगे झूले बच्चों को खेलने का अवसर देते हैं, वहीं युवा और बड़े लोग फोटो व सेल्फी लेकर समय बिताते नजर आते हैं।

महाशिवरात्रि पर उमड़ती है भीड़

हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। बढ़ती आस्था के चलते यह आयोजन अब लख्खी मेले का रूप लेने लगा है। इस वर्ष भी मेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

श्रावण मास में विशेष रौनक

श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को यहां विशेष चहल-पहल रहती है और अंतिम सोमवार को मेला आयोजित किया जाता है। वर्षभर विकास कार्यों के चलते मंदिर परिसर की भव्यता और आकर्षण बरकरार है।

पत्नी की स्मृति में कराया निर्माण

सेठ महावीर प्रसाद जटिया ने अपनी पत्नी सुमित्रा देवी की स्मृति में वर्ष 2011 में इस भव्य नीलकंठ महादेव प्रतिमा स्थल का निर्माण करवाया था। 26 फरवरी 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने इसका लोकार्पण किया था।

आस्था, हरियाली और पारिवारिक सुकून का संगम होने के कारण यह स्थल अब क्षेत्रवासियों के लिए छुट्टियां बिताने का सहज और नजदीकी विकल्प बन गया है।

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