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बणी बचाओ संघर्ष समिति का बिजली लाइन बिछाने पर विरोध:पेड़ बचाने को लेकर उपखंड कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, ग्रामीण बोले; वैकल्पिक मार्ग से कम पेड़ कटेंगे


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बणी बचाओ संघर्ष समिति का बिजली लाइन बिछाने पर विरोध:पेड़ बचाने को लेकर उपखंड कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, ग्रामीण बोले; वैकल्पिक मार्ग से कम पेड़ कटेंगे

बणी बचाओ संघर्ष समिति का बिजली लाइन बिछाने पर विरोध:पेड़ बचाने को लेकर उपखंड कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, ग्रामीण बोले; वैकल्पिक मार्ग से कम पेड़ कटेंगे

उदयपुरवाटी : झुंझुनू जिले के गिरावड़ी गांव में भैरोंजी महाराज की बणी के हजारों पेड़ों को बचाने के लिए चल रहे आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया है। बणी बचाओ संघर्ष समिति की कोर कमेटी ने गुरुवार शाम बैठक कर यह फैसला लिया। समिति ने घोषणा की है कि 14 फरवरी को इस मुद्दे पर एक बड़ी सभा आयोजित की जाएगी।

यह आंदोलन सीकर से खेतड़ी तक 1.33 लाख वोल्ट की बिजली लाइन बिछाने के स्कीपर पावर ग्रिड के काम के विरोध में है। प्रस्तावित मार्ग गिरावड़ी स्थित भैरोंजी महाराज की बणी से होकर गुजरता है, जिसके कारण हजारों पेड़ों को काटना पड़ेगा। ग्रामीणों का तर्क है कि इससे पर्यावरण को नुकसान होगा और हजारों पक्षियों व जीव-जंतुओं का प्राकृतिक आवास छिन जाएगा।

ग्रामीणों की मांग है कि पावर ग्रिड कंपनी बिजली लाइन को गांव के दक्षिण दिशा से बिछाएं। उनका मानना है कि इस वैकल्पिक मार्ग से कम पेड़ कटेंगे और पक्षियों को स्थायी रूप से विस्थापित होने से बचाया जा सकेगा।

लेक्टर की शवयात्रा निकालकर पुतला फूंका

अपनी मांगों को लेकर ग्रामीण पहले भी कई विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। इनमें भैरोंजी महाराज के मंदिर से झुंझुनू तक पैदल यात्रा, उदयपुरवाटी उपखंड अधिकारी और झुंझुनू जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपना शामिल है। उन्होंने सद् बुद्धि यज्ञ किया, गिरावड़ी स्थित भैरव जी मंदिर से उदयपुरवाटी तक मसाल जुलूस निकाला और जिला कलेक्टर की शवयात्रा निकालकर पुतला भी फूंका। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे किसी भी कीमत पर पेड़ों को नुकसान नहीं होने देंगे।

दो बार की बैठकें रहीं विफल

इस मामले को सुलझाने के लिए उपखंड अधिकारी कार्यालय में ग्रामीणों और पावर ग्रिड के अधिकारियों के बीच दो बार समझौता वार्ता हो चुकी है, लेकिन दोनों ही बार ये बैठकें विफल रहीं। ग्रामीण और पावर ग्रिड के अधिकारी अपनी-अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। ग्रामीण चाहते हैं कि बणी के पेड़ न काटे जाएं और लाइन का मार्ग बदला जाए, जबकि पावर ग्रिड के अधिकारी मार्ग बदलने से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे पेड़ों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सार्वजनिक हित के अन्य कार्य करवा सकते हैं।

ये रहे धरने पर शामिल

उपखंड कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे लोगों को समर्थन देने के लिए देव सेना प्रदेश सचिव धर्मपाल गुर्जर, शंकर भाटी, धूडाराम चौहान, भगत बीरबल चावड़ा, रोहिताश गुर्जर, भोपाल गुर्जर आदि पहुंचे और 14 को प्रस्तावित बैठक में पूरे दमखम के साथ आने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर लक्ष्मण सैनी, युवा नेता पंकज सैनी, नानूराम भोपा, गोवर्धन वर्मा, सुनील वर्मा, बंशीधर नायक, रोहिताश नायक, भैरूंराम गुर्जर, बन्नाराम कुमावत, एडवोकेट जितेंद्र सिंह गिरावड़ी, ताराचंद गुर्जर, मुकेश गुर्जर, बजरंग लाल गुर्जर, शिवकरण गुर्जर, मुक्ति लाल वर्मा, हरीराम कुमावत, बंसी वर्मा, रामकुमार वर्मा, पिंकू कुमावत, पिंटू वर्मा, धर्मेन्द्र चौहान, सुनील पंच, सुखराम वर्मा, गोविंद अग्रवाल, रूप सिंह आदि मौजूद थे।

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