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अवैध खनन के विरोध में धरना 36वें दिन भी जारी, धरनार्थियों ने सौंपा 11 सूत्रीय मांगपत्र


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गुढ़ागौड़जीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

अवैध खनन के विरोध में धरना 36वें दिन भी जारी, धरनार्थियों ने सौंपा 11 सूत्रीय मांगपत्र

उपखंड अधिकारी–तहसीलदार की मौजूदगी में वार्ता विफल, लीजधारकों और ग्रामीणों में बनी टकराव की स्थिति

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मुकेश सिंह

गुढ़ागौड़जी : पंचायत समिति गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के ग्राम हुकमपुरा, बामलास, खेदड़ों की ढाणी एवं खरबासों की ढाणी में कथित अवैध खनन के विरोध में चल रहा धरना सोमवार को 36वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान उपखंड अधिकारी कौशल्या विश्नोई, तहसीलदार कुलदीप भाटी और थानाधिकारी सुरेश रोलन धरना स्थल पर पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने अधिकारियों को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।

वार्ता के दौरान बिगड़ा माहौल

वार्ता के दौरान प्रशासन द्वारा लीजधारकों को धरना स्थल पर बुलाया गया, जहां एक लीजधारक द्वारा एडवोकेट जयंत मूंड से कथित तौर पर धमकी भरे लहजे में बात किए जाने से ग्रामीणों और लीजधारकों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप कर संभावित टकराव को टलवाया।

अधिकारियों ने किया मौके का निरीक्षण

उपखंड अधिकारी कौशल्या विश्नोई सहित अन्य अधिकारियों ने अवैध खनन प्रभावित क्षेत्र, गौचर भूमि, टूटे हुए मकानों और कुओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उपखंड अधिकारी ने बताया कि सभी बिंदुओं की जांच कमेटी के माध्यम से कराई जाएगी तथा जियोलॉजिकल सर्वे भी करवाया जाएगा। उन्होंने मौके पर पटवारी और तहसीलदार को गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।

प्रशासन पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

वार्ता के दौरान एडवोकेट जयंत मूंड ने तहसीलदार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर तहसीलदार काटली नदी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर सुर्खियां बटोर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसी रजिस्ट्रियां भी की जा रही हैं, जिनकी किस्म गैर मुमकिन नदी दर्ज है।

उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलदार द्वारा ऐसी भूमि की रजिस्ट्री कर नामांतरण करवा कर राजस्व रिकॉर्ड में अमल किया गया, जो कि भूमिधारी अधिकारों के विपरीत है। एडवोकेट मूंड ने अब्दुल रहमान प्रकरण से प्रभावित सभी ऐसे नामांतरण निरस्त करने और तहसीलदार कुलदीप भाटी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आचरण में जांच की मांग की।

धरनार्थियों का कहना

धरनार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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