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गिरावड़ी ग्रामीणों का उदयपुरवाटी एसडीएम कार्यालय पर धरना:बिजली ग्रिड लाइन का मार्ग बदलने की मांग, हजारों पेड़ बचाने की अपील


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गिरावड़ी ग्रामीणों का उदयपुरवाटी एसडीएम कार्यालय पर धरना:बिजली ग्रिड लाइन का मार्ग बदलने की मांग, हजारों पेड़ बचाने की अपील

गिरावड़ी ग्रामीणों का उदयपुरवाटी एसडीएम कार्यालय पर धरना:बिजली ग्रिड लाइन का मार्ग बदलने की मांग, हजारों पेड़ बचाने की अपील

उदयपुरवाटी : गिरावड़ी के ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर से उदयपुरवाटी उपखंड कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। यह धरना भेरुजी की बणी में प्रस्तावित बिजली ग्रिड लाइन के मार्ग परिवर्तन की मांग को लेकर दिया जा रहा है, ताकि हजारों पेड़ों को कटने से बचाया जा सके।

ग्रामीणों के अनुसार, सीकर से खेतड़ी तक 1.33 लाख वोल्ट की बिजली लाइन बिछाने का काम स्कीपर पावर ग्रिड को सौंपा गया है। जिस प्रस्तावित मार्ग से यह लाइन गुजरनी है, वहां हजारों पेड़ों को काटना पड़ेगा। इससे पर्यावरण को नुकसान होगा और इन पेड़ों में रहने वाले हजारों पक्षियों व जीव-जंतुओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों ने नक्शे का भौतिक सत्यापन किए बिना ही अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि लाइन गांव के दक्षिण दिशा से डाली जाए, तो पेड़ों को कोई नुकसान नहीं होगा। उनका दावा है कि केवल दो अतिरिक्त पोल लगाकर हजारों पेड़ों और जीव-जंतुओं को बचाया जा सकता है।

अरावली की वादियों में स्थित गिरावड़ी की पहाड़ियों पर भैरोंजी महाराज का मंदिर है। पहाड़ी पर चारों ओर लाखों पेड़ उगे हुए हैं, जिसे ग्रामीण ‘भैरोंजी की बणी’ कहते हैं। ग्रामीण मंदिर और पेड़ों दोनों में समान आस्था रखते हैं और पेड़ों की पूजा-अर्चना करते हैं। वे बणी के सूखे पेड़ों की लकड़ियां जलाने को भी पाप मानते हैं।

पेड़ों को बचाने के लिए ग्रामीणों ने पहले 60 किलोमीटर की पैदल यात्रा निकालकर उदयपुरवाटी एसडीओ और झुंझुनूं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। धरने को संबोधित करते हुए उदयपुरवाटी विधायक भगवान राम सैनी ने इस मामले को विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया।

धरने पर बैठने वालों में एडवोकेट जितेंद्र सिंह गिरावड़ी, रोहिताश्व गुर्जर, विनोद कुमार, महेंद्र कुमार, जवाहर सिंह, प्रभूदयाल, सचिन कुमार, प्रकाश चंद्र, मामराज, अनिल वर्मा, भवानी अग्रवाल, मनीष कुमार, भोपाल राम गुर्जर, रमेश कुमार, गोपाल राम, लीलचंद, राजकुमार, सूरज, फूलचंद, बंशीधर, विकास सेन, महावीर, चंदन कुमार, मोहन वर्मा, रोहिताश नायक, धमेंद्र गुर्जर, गोरधन वर्मा, सुवालाल, महिपाल, रणवीर, सुल्तान वर्मा, सुल्तान नायक, बंसी वर्मा और मुक्ति लाल सहित कई ग्रामीण शामिल थे।

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