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चूरू की धरती शौर्य, सेवा और संस्कृति की मिसाल : जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा


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चूरू की धरती शौर्य, सेवा और संस्कृति की मिसाल : जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा

चूरू की धरती शौर्य, सेवा और संस्कृति की मिसाल : जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : जिले में 77 वां गणतंत्र दिवस सोमवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने जिला मुख्यालय पर स्थानीय पुलिस लाईन मैदान में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान पूर्व मंत्री राजेन्द्र राठौड़, विधायक हरलाल सहारण, पुलिस अधीक्षक जय यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर अर्पिता सोनी, सीईओ श्वेता कोचर सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कर्मचारी नागरिक, विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के आरंभ में जिला कलक्टर ने मार्च पास्ट का निरीक्षण कर सलामी ली। अतिरिक्त जिला कलक्टर अर्पिता सोनी ने राज्यपाल के संदेश का पठन किया।

समारोह में आरआई मुकुट बिहारी के नेतृत्व में राजस्थान पुलिस, महिला पुलिस, होम गार्ड एवं एनसीसी, स्काउट-गाइड ने मार्च पास्ट किया। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, विधायक हरलाल सहारण, पूर्व मंत्री राजेन्द्र राठौड़, एसपी जय यादव ने जिले में उत्कृष्ट कार्य एवं बेहतर उपलब्धियों पर जिले के 58 अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, खिलाड़ियों एवं नागरिकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने वीरांगनाओं व लोकतंत्र सेनानियों का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया।

इस अवसर पर जिला कलक्टर सुराणा ने संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, शहीद भगतसिंह, सुखदेव, अशफाक उल्ला खां सहित तमाम महान स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को श्रद्धाजंलि देते हुए कहा कि भारत की जनता को संविधान के अंगीकरण के बाद असल आजादी मिली। भारत की जनता के पास उनका स्वयं का संविधान होने से जनकल्याणकारी नीतियां बनीं और राष्ट्र उन्नति पथ पर आगे बढ़ा। उन्होंने कहा कि चूरू की ऐतिहासिक धरती शौर्य, सेवा और संस्कृति की मिसाल है। देश की आजादी से भी बहुत पहले 26 जनवरी, 1930 को यहां के क्रांतिकारियों ने धर्मस्तूप पर तिरंगा फहराकर उत्कट देशप्रेम और अदम्य साहस का परिचय दिया। मरूस्थल की कठोर परिस्थितियों के बावजूद चूरू के बहादुर सैनिक, कर्मठ किसान और मेहनती नागरिकों ने परिश्रम, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत मिसाल कायम की है।

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