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वन विभाग ने दोबारा बंद किया रास्ता:15 दिन पहले बंद किया रास्ता क्रेशर संचालकों ने जेसीबी से खोला था, ग्रामीणों ने वन-विभाग को सूचित कर फिर करवाया बंद


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वन विभाग ने दोबारा बंद किया रास्ता:15 दिन पहले बंद किया रास्ता क्रेशर संचालकों ने जेसीबी से खोला था, ग्रामीणों ने वन-विभाग को सूचित कर फिर करवाया बंद

वन विभाग ने दोबारा बंद किया रास्ता:15 दिन पहले बंद किया रास्ता क्रेशर संचालकों ने जेसीबी से खोला था, ग्रामीणों ने वन-विभाग को सूचित कर फिर करवाया बंद

पाटन : पाटन क्षेत्र की ग्राम पंचायत स्यालोदड़ा में वन विभाग ने एक बार फिर वन भूमि से गुजरने वाले रास्ते को बंद कर दिया है। क्रेशर संचालकों ने शनिवार को जेसीबी मशीन से इस रास्ते को दोबारा खोल दिया था, जिसे ग्रामीणों की सूचना पर विभाग ने रात में ही बंद कर दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि स्यालोदड़ा के स्यालूंड में कई क्रेशर ग्राइंडिंग यूनिट्स संचालित हैं। इन यूनिट्स तक पहुंचने का रास्ता स्टेट हाईवे 37D से वन भूमि से होकर गुजरता है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग ने 30 दिसंबर को इस रास्ते पर खाई खोदकर इसे बंद कर दिया था।

शनिवार शाम को क्रेशर संचालकों ने जेसीबी की मदद से इस खाई को भरकर रास्ता दोबारा खोल दिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग के उच्चाधिकारियों को दी। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार रात्रि को जेसीबी मशीन से दोबारा खाई खोदकर रास्ते को बंद कर दिया।

क्रेशर चालकों के खिलाफ होगी कार्रवाई

क्षेत्रीय वन अधिकारी मुकेश कुमार मुंड ने बताया कि स्यालोदड़ा में वन भूमि से निकलने वाले इस रास्ते को विभाग ने 15 दिन पहले बंद किया था। क्रेशर संचालकों ने शनिवार शाम को जेसीबी चलाकर इसे दोबारा खोला, जो नियमों का उल्लंघन है। ग्रामीणों की सूचना पर विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रात में ही रास्ता फिर से बंद कर दिया। जेसीबी संचालक और रास्ता खोलने वालों की पहचान की जा रही है, जिनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग इस रास्ते पर लगातार निगरानी रखेगा और यदि कोई इसे दोबारा खोलने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने क्रेशर संचालकों द्वारा रास्ता खोलने का विरोध किया, तो जेसीबी के साथ आए लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

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