[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

शेखावाटी की कला और संस्कृति के मुरीद हुए अमेरिकी छात्र: ‘डेस्टिनेशन नवलगढ़’ का भव्य समापन


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़नवलगढ़राजस्थानराज्य

शेखावाटी की कला और संस्कृति के मुरीद हुए अमेरिकी छात्र: ‘डेस्टिनेशन नवलगढ़’ का भव्य समापन

शेखावाटी की कला और संस्कृति के मुरीद हुए अमेरिकी छात्र: 'डेस्टिनेशन नवलगढ़' का भव्य समापन

जनमानस शेखावाटी संवाददाता :  रविन्द्र पारीक

नवलगढ़ : राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और शेखावाटी के गौरवशाली इतिहास से विश्व को रूबरू कराने के उद्देश्य के साथ दी आनंदीलाल पोदार ट्रस्ट द्वारा आयोजित 16 दिवसीय विशेष शैक्षणिक प्रवास कार्यक्रम ‘डेस्टिनेशन नवलगढ़’ का 16 जनवरी को भव्य समापन हुआ।

1 जनवरी से शुरू हुए इस अनूठे आयोजन में अमेरिका की ईस्ट टेनेसी स्टेट यूनिवर्सिटी (ETSU) के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और राजस्थान की मिट्टी की खुशबू को आत्मसात किया। कार्यक्रम का आगाज राजस्थानी परंपरा के अनुसार अमेरिकी विद्यार्थियों के आरती, पुष्प वर्षा से स्वागत के साथ किया गया। इन 16 दिनों में विद्यार्थियों ने न केवल पोदार हवेली म्यूजियम और क्षेत्र की ऐतिहासिक हवेलियों के विश्वप्रसिद्ध भित्ति चित्रों (Frescoes) का बारीकी से अध्ययन किया बल्कि विशेषज्ञों के माध्यम से स्थापत्य कला के रहस्यों को भी समझा।

विद्यार्थियों के लिए यह केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि एक ‘लर्निंग एक्सपीरियंस’ रहा, जिसमें उन्होंने अनेक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया जैसे मेहंदी लगाना, साड़ी पहनना और रंगोली सजाना सीखा, प्रतिदिन योगाभ्यास के जरिए भारतीय ‘वेलनेस’ दर्शन को समझ, मकर संक्रांति पर पतंगबाजी और ऊंट की सवारी (Camel Safari) का लुत्फ उठाया।

इस प्रवास के दौरान विधार्थियों ने न केवल कला सीखी बल्कि सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक उद्यमिता के भविष्य पर भी चर्चा कि जिसके तहत कौशल विकास और रोजगार, महिला सशक्तिकरण (लर्न एंड अर्न) ऑर्गेनिक खेती, मानसिक स्वास्थ्य और नवाचार आदि पर विचार किया गया।

उन्हें सिखाया गया कि किस प्रकार प्राचीन सांस्कृतिक मूल्यों को आधुनिक सोच के साथ जोड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। यहाँ आए ‘इतिहास (History) बैच’ के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक प्रवास के दौरान प्राचीन भारत से लेकर आधुनिक काल तक की गौरवशाली गाथा को गहराई से समझा।

विद्यार्थियों के इस दल ने भारतीय इतिहास के विभिन्न पड़ावों का गहन अध्ययन किया। सिंधु घाटी सभ्यता की नगर नियोजन प्रणाली और प्राचीन व्यापारिक संबंधों की जानकारी, मौर्य और गुप्त वंश जैसे स्वर्णिम काल के शासकों की प्रशासनिक कुशलता और स्थापत्य कला तथा भारतीय आजादी की लड़ाई और देश के वीर सपूतों के संघर्ष का इतिहास।

समापन अवसर पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रिषिका पोदार ने कहा कि “इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक और शैक्षणिक मूल्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाना है, नवलगढ़ की हवेलियों में अंकित चित्र केवल रंग नहीं, बल्कि जीवित इतिहास हैं। हमें गर्व है कि हम शेखावाटी के पर्यटन को एक नई वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में अग्रसर हैं।
पोदार एजुस्पेस के सीओओ एवं सह संस्थापक वेदांत पोदार ने कहा कि,”डेस्टिनेशन नवलगढ़ सस्टेनेबिलिटी और सोशल एंटरप्रेन्योरशिप केन्द्रित रहा तथा हमारा ध्येय है कि हम युवाओं को एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स देकर उनके भविष्य को सुरक्षित करने में सहभागिता निभातें हैं।”

समापन समारोह के दौरान सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और विशेष स्मृति चिह्न भेंट किए गए। समापन समारोह में ETSU के सीनियर इंटरनेशनल ऑफिसर और इंटरनेशनल एजुकेशन के डीन डॉ. क्रिस्टोफर केलर ने कहा,“डेस्टिनेशन नवलगढ़ प्रोग्राम ETSU के विदेश में शिक्षा पोर्टफोलियो का एक अनमोल हिस्सा है। आनंदिलाल पोदार ट्रस्ट और पोदार कॉलेज के साथ यह पार्टनरशिप रिसर्च प्रोजेक्ट, कम्युनिटी सर्विस और इंटर्नशिप के ज़रिए असरदार लर्निंग देती है। आज की दुनिया में, किसी भी ग्रेजुएट को भारत की अहम् ग्लोबल भूमिका की समझ की कमी नहीं होनी चाहिए – यह प्रोग्राम यह पक्का करता है कि ऐसा नहीं होगा।”

अमेरिकी विद्यार्थियों ने भावुक होते हुए कहा कि शेखावाटी कि स्वर्ण नगरी नवलगढ़ का आतिथ्य और राजस्थान की कला और जीवंत संस्कृति का अनुभव विशेष रूप से राजस्थानी व्यंजनों ने उन्हें खूब लुभाया। नवलगढ़ की ऐतिहासिक हवेलियां,यहाँ का इतिहास और यहाँ की भित्ति चित्र कला उनके जीवन की सबसे अनमोल स्मृतियों में से एक रहेगी।

दी आनंदीलाल पोदार ट्रस्ट के माननीय चेयरमैन श्री राजीव के पोदार ने कार्यक्रम की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि “पोदार ट्रस्ट सदैव शिक्षा और संस्कृति के समन्वय में विश्वास रखता है। ‘डेस्टिनेशन नवलगढ़’ के माध्यम से हमारा प्रयास शेखावाटी की इस अनमोल विरासत को वैश्विक पटल पर मजबूती से स्थापित करना है। विदेशी विद्यार्थियों का यहाँ आकर हमारी जड़ों से जुड़ना इस मिशन की बड़ी जीत है।”

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin rupiah89 kios77 TOKO22 situs raffi ahmad