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सरकारी स्कूल के पास कचरे का ढेर:रानोली में कचरा निस्तारण की व्यवस्था नहीं, संक्रमण फैलने का खतरा, थेलियां खाने को मजबूर मवेशी


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सरकारी स्कूल के पास कचरे का ढेर:रानोली में कचरा निस्तारण की व्यवस्था नहीं, संक्रमण फैलने का खतरा, थेलियां खाने को मजबूर मवेशी

सरकारी स्कूल के पास कचरे का ढेर:रानोली में कचरा निस्तारण की व्यवस्था नहीं, संक्रमण फैलने का खतरा, थेलियां खाने को मजबूर मवेशी

रानोली : रानोली कस्बे के राजकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय के पास वर्षों से पूरे गांव का कचरा डाला जा रहा है। कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था न होने के कारण यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। विद्यालय के समीप फैले कचरे और प्लास्टिक की थैलियों को खाकर बड़ी संख्या में गोवंश बीमार पड़ रहे हैं, जिससे उनकी मौतें भी हो रही हैं।

मृत पशुओं के कंकाल रास्ते में बिखरे पड़े हैं, जिससे क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध फैल रही है। इन कंकालों को खाने के लिए आवारा कुत्ते और सूअर झुंड बनाकर यहां जमा रहते हैं। विद्यालय आने-जाने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे उनमें डर का माहौल है। अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है।

कचरे के ढेर और सड़ते शवों से उठती बदबू के कारण क्षेत्र में संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है, लेकिन जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने अब तक इसके समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कचरे का नियमित और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करके इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। उनकी मांग है कि कचरा निस्तारण केंद्र को विद्यालय क्षेत्र से दूर स्थापित किया जाए, मृत पशुओं के निस्तारण की अलग व्यवस्था हो और इस स्थान पर कचरा डालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

एक ओर रानोली ग्राम पंचायत खुद को आदर्श ग्राम पंचायत होने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा के केंद्र के पास कचरे का यह अंबार पंचायत और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

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