खिलौना नहीं देने पर बच्चा एक बार रोएगा, संस्कार नहीं देने पर जीवनभर रोएगा : मानवानन्द महाराज
खिलौना नहीं देने पर बच्चा एक बार रोएगा, संस्कार नहीं देने पर जीवनभर रोएगा : मानवानन्द महाराज
जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मोहम्मद आरिफ चंदेल
इस्लामपुर : रतनशहर स्थित शिव शक्ति श्याम शीतलदास मंदिर में चल रही भागवत कथा के पांचवे दिन गुरुवार को जनकपुर से आए मानवानन्द महाराज ने कृष्ण बाललीला व गोवर्द्धन पूजा के प्रसंग सुनाए। महाराज ने बताया कि श्री कृष्ण को पांच वर्ष की आयु में गोकुल से वृंदावन ले जाया गया। वृंदावन अर्थात् भक्ति जहां भक्ति का निवास हो। जिस तरह से श्री कृष्ण को पांच वर्ष की आयु में भक्ति के मार्ग में लाया गया उसी तरह से हमें अपने बच्चों को भी पांच वर्ष की अवस्था में उसके जीवन में भक्ति का बीज बो देना चाहिए ताकि उसकी युवावस्था पथ भ्रष्ट ना हो और हमारे बच्चे संस्कारी बने। अगर हम बच्चे को खिलौना नहीं देते हैं तो वो कुछ समय के लिए रोता हैं लेकिन अगर संस्कार नहीं देते हैं तो बच्चे जीवन भर रोते है। आज के समय में बच्चों को मॉडर्न नहीं बल्कि संस्कारी बनाना आवश्यक है।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19








Total views : 2063908

