भामाशाह रामप्रकाश बूबना व शारदा बूबना का गायत्री परिवार ने किया भव्य सम्मान
भामाशाह रामप्रकाश बूबना व शारदा बूबना का गायत्री परिवार ने किया भव्य सम्मान

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : रविन्द्र पारीक
नवलगढ़ : अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में अध्यात्म की सिद्धपीठ गायत्री शक्तिपीठ नवलगढ़ में शनिवार को एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर समाजहित के कार्यों में सतत योगदान देने वाले भामाशाह रामप्रकाश बूबना एवं उनकी धर्मपत्नी शारदा बूबना का गायत्री परिवार नवलगढ़ की ओर से सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. दयाशंकर जांगिड़, विशिष्ट अतिथि के रूप में जगदीश जांगिड़ तथा अध्यक्षता बृजलाल मारोठिया ने की।
सम्मानित अतिथियों को गायत्री परिवार के सदस्यों ने माला, गजरा, साफा, शाल, प्रतीक चिन्ह और साहित्य भेंट कर अभिनंदन किया।
इस अवसर पर डॉ. दयाशंकर जांगिड़ ने कहा कि “भामाशाह रामप्रकाश बूबना और शारदा बूबना का जीवन परहित और सेवा के लिए समर्पित रहा है। छात्रवृत्ति वितरण से लेकर निःशुल्क आई कैंप और डायबिटीज कैंप तक, वे हर माह लाखों रुपए समाज कल्याण पर खर्च करते हैं। आज गायत्री परिवार द्वारा इनका सम्मान करना सराहनीय कदम है।”
अपने उद्बोधन में रामप्रकाश बूबना ने कहा – “सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति को समाजहित के लिए कोई न कोई प्रकल्प अवश्य अपनाना चाहिए और सेवा में कभी अहंकार नहीं करना चाहिए।”
वहीं, शारदा बूबना ने कहा – “आने वाला युग नारी शक्ति का है। नारियों को हर क्षेत्र में आगे आना चाहिए। नवलगढ़ शक्तिपीठ में भी योग, ध्यान और सूर्य नमस्कार की कक्षाएं शुरू की जानी चाहिए।”
इस अवसर पर ट्रस्टी भंवरलाल जांगिड़ ने स्वागत भाषण दिया, जबकि प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार दायमा ने गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे शिक्षा, साधना, नशामुक्ति अभियान और प्रज्ञा लाइब्रेरी जैसी गतिविधियों की जानकारी दी। अतिथियों ने प्रज्ञा लाइब्रेरी और शक्तिपीठ परिसर का अवलोकन किया और विद्यार्थियों से भी मुलाकात की।
समारोह में सज्जन जोशी, पंकज शाह, शंकर गुर्जर, रंजना शर्मा, सुहित पाडिया, भोला राम सैनी, रमाकांत कवि, अनु शर्मा, रामरतन गुर्जर, जनार्दन मिंतर, अंकित पायल, विनोद कुमार, संजय चौबदार, अजय सैनी, सुनील सांखला सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार दायमा ने किया।