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एक गरीब किसान के खाते से 143 करोड़ का लेनदेन:पैन कार्ड और फोटो लेकर मुंबई में कंपनी खोली, जीएसटी का नोटिस आया तब पता चला


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एक गरीब किसान के खाते से 143 करोड़ का लेनदेन:पैन कार्ड और फोटो लेकर मुंबई में कंपनी खोली, जीएसटी का नोटिस आया तब पता चला

एक गरीब किसान के खाते से 143 करोड़ का लेनदेन:पैन कार्ड और फोटो लेकर मुंबई में कंपनी खोली, जीएसटी का नोटिस आया तब पता चला

अजमेर : अजमेर में 2 किसानों और एक मजदूर के डॉक्यूमेंट धाेखाधड़ी से लेकर बैंक खाते खुलवाए। फिर आरोपियों ने उन खातों से 145 करोड़ 16 लाख रुपए का लेनदेन किया। पीड़ितों को इसका तब पता चला, जब उनके घर जीएसटी विभाग की ओर से नोटिस आए। इनमें 143 करोड़ का लेनदेन तो सिर्फ एक किसान के खाते से किया गया। इस किसान के पैन कार्ड का दुरुपयोग किया। किसान के अनुसार, वह कभी मुंबई नहीं गया, लेकिन उसके नाम से वहां फर्जी कारोबार किया गया। जीएसटी विभाग दिल्ली से नोटिस मिलने पर उसे फर्जीवाड़े का पता चला।

दूसरे किसान से बाइक के लिए लोन दिलाने के बहाने पैन कार्ड, आधार कार्ड और फोटो ली गई। जो अभी तक वापस नहीं की गई है। अब उसे सीआईडी और पुलिस बेंगलुरु की ओर से नोटिस आ रहे हैं। वहीं एक मजदूर को रोजगार का झांसा देकर उसके दस्तावेज और फोटो लिए गए थे। इन डॉक्यूमेंट का दुरुपयोग कर मुंबई में एक फर्जी कंपनी खोली गई और कोटक बैंक में अकाउंट खोलकर करोड़ों का लेनदेन किया गया। तीनों पीड़ित गुरुवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। एसपी वंदिता राणा को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

जानिए कैसे हुआ 145 करोड़ का फर्जीवाड़ा, तीन पीड़ितों की जुबानी पूरी कहानी….

किसान के पैन कार्ड से खोली फर्जी फर्म, 143 करोड़ का लेनदेन सरवाड़ (अजमेर) निवासी किसान रामराज चौधरी को 3 अप्रैल को जीएसटी विभाग से नोटिस मिला था। तब पता चला कि उसके पैन कार्ड का दुरुपयोग कर वित्तीय वर्ष 2020-21 में ‘नीतियां एक्जिम’ नाम की फर्म खोली गई और मुंबई में कोटक महिंद्रा बैंक में खाता खोला गया। जीएसटी नंबर भी इश्यू करवा लिए। इस फर्जी फर्म के जरिए 143 करोड़ रुपए का लेनदेन किया गया। 12वीं पास किसान रामराज ने बताया कि वह कभी मुंबई नहीं गया और न ही उसने कोई फर्म या बैंक खाता खोला है।

पीड़ित ने बताया कि इस धोखाधड़ी की शिकायत लेकर स्थानीय थाने और साइबर थाने पहुंचा तो कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीड़ित का कहना है कि इतनी बड़ी राशि का लेनदेन उसके लिए संभव ही नहीं है। इस फर्जीवाड़े के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हो रहा है।

लोन दिलाने को कहा था, डॉक्यूमेंट से अकाउंट खोलकर 1.26 करोड़ का लेनदेन

भिनाय निवासी किसान ओमप्रकाश गुर्जर को जनवरी 2025 में जीएसटी विभाग दिल्ली से नोटिस मिला। फिर फरवरी में सीआईडी, साइबर क्राइम पुलिस बेंगलुरु से भी नोटिस आया। नोटिस में बताया कि आईडीबीआई बैंक, मुंबई में आपके खाते से 1 करोड़ 26 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ है।

पीड़ित ने बताया कि उसने तीन साल पहले बिजयनगर निवासी चौथमल गुर्जर को मोटरसाइकिल लोन के लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड और एक फोटो दी थी। इन डॉक्यूमेंट से आईडीबीआई बैंक में अकाउंट खोलकर 1 करोड़ 26 लाख रुपए का फर्जी लेनदेन किया गया। जब पीड़ित ने बैंक की बिजयनगर ब्रांच में जाकर जानकारी ली तो पता चला कि अकाउंट में न तो उसका मोबाइल नंबर है और न ही ईमेल आईडी। बाइक लोन के लिए खिंचवाई गई फोटो का इस्तेमाल कर बैंक अकाउंट खोला गया।

अब सीआईडी, साइबर क्राइम पुलिस बेंगलुरु नोटिस भेजकर उसे बुला रही है और उसके घर भी आई है। उसे सीआईडी, साइबर क्राइम पुलिस बेंगलुरु से चार नोटिस मिल चुके हैं। उसके पिता बुजुर्ग हैं, लेकिन पिछले 10 दिन से वह घर भी नहीं जा पा रहा है। लगातार मिल रहे नोटिस से पूरा परिवार मानसिक रूप से प्रताड़ित है।

बिजयनगर और भिनाय थाना पुलिस से कोई मदद नहीं मिलने पर पीड़ित ने एसपी वंदिता राणा को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि वह कभी मुंबई नहीं गया और न ही वहां कोई बैंक अकाउंट खुलवाया है। वह सिर्फ खेती करके अपने परिवार का जीवन यापन करता है।

एसपी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाते हुए भगवान दास साहू और उनका परिवार भावुक हो गया।
एसपी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाते हुए भगवान दास साहू और उनका परिवार भावुक हो गया।

मजदूर के डॉक्यूमेंट से 90 लाख का फर्जीवाड़ा

दिल्ली गेट निवासी मजदूर भगवान दास साहू की 7 साल की बेटी की कोरोना काल में मौत हो गई थी। 2021 में खराब आर्थिक स्थिति के दौरान दीपक खटीक नाम के व्यक्ति ने रोजगार का झांसा देकर उनके दस्तावेज और फोटो ले लिए। इन डॉक्यूमेंट का दुरुपयोग कर मुंबई में फर्जी कंपनी खोली गई और कोटक महिंद्रा बैंक में खाता खोलकर 90 लाख रुपए का लेनदेन किया गया।

पीड़ित को इस फर्जीवाड़े का पता तब चला, जब जीएसटी विभाग से नोटिस मिला। थाने में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर आज वह एसपी वंदिता राणा से मिलने पहुंचा। शिकायत देते समय पूरा परिवार एसपी कार्यालय में रो पड़ा और न्याय की गुहार लगाई।

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