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गैंगरेप के पांच दोषियों को 20-20 साल की सजा:एक आरोपी को सात साल का कारावास; दो सगी बहनों से किया था दुष्कर्म


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गैंगरेप के पांच दोषियों को 20-20 साल की सजा:एक आरोपी को सात साल का कारावास; दो सगी बहनों से किया था दुष्कर्म

गैंगरेप के पांच दोषियों को 20-20 साल की सजा:एक आरोपी को सात साल का कारावास; दो सगी बहनों से किया था दुष्कर्म

सीकर : सीकर की पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 ने नाबालिग दो सगी बहनों से गैंगरेप के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पांच आरोपियों को 20-20 साल और एक आरोपी को 7 साल के कारावास की सजा सुनाई है। सीकर के एक गांव के रहने वाले पीड़ित पिता ने 10 अप्रैल 2018 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई, कि वह ग्रामीण क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहता है। जिसकी दो बेटियां सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। 8 अप्रैल को सुबह 11 बजे वे दोनों एक कस्बे की तरफ जाने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इनमें एक बेटी की उम्र 15 और दूसरी की 14 साल थी। जिनके पास एक मोबाइल भी था।

इसके बाद पुलिस ने दोनों लड़कियों को करीब 15 दिन बाद दस्तयाब किया। मामले में दो नाबालिग लड़कों को डिटेन किया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि दो नाबालिग लड़कों और एक आरोपी ने दोनों लड़कियों के साथ रेप किया। जबकि एक आरोपी लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाने के षड्यंत्र में शामिल था। वहीं दो आरोपियों के घर पर दोनों लड़कियों के साथ गैंगरेप किया गया था।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 26 गवाह और 36 साक्ष्य पेश किए। इसके बाद मामले में सीकर के पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 की विशिष्ट न्यायाधीश आशा कुमारी ने मामले में दो नाबालिग (जो अब बालिग हो चुके हैं) और तीन आरोपियों को 20-20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। वहीं एक आरोपी को 7 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया।

कोर्ट ने राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत दोनों पीड़िताओं को 5-5 लाख रुपए की प्रतिकर राशि दिलवाने के निर्देश दिए। मामले में राज्य सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक भवानी सिंह जेरठी ने पैरवी की। वहीं पीड़ित पक्ष की ओर से एडवोकेट मोहनलाल चिरानियां ने पैरवी की।

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