सीकर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन:बोलीं- 10 महीने से केंद्रों का किराया नहीं मिला, मकान मालिकों ने ताले लगा दिए
सीकर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन:बोलीं- 10 महीने से केंद्रों का किराया नहीं मिला, मकान मालिकों ने ताले लगा दिए
सीकर : आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं ने अपनी अनेक मांगों को लेकर सीकर में महिला बाल विकास विभाग ऑफिस के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने कहा- पिछले 10 महीने से आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया नहीं दिया जा रहा, जिसके कारण मकान मालिकों ने सेंटरों को ताले लगा दिए हैं और उन्हें बाहर कर दिया है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ममता चौधरी ने बताया- विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों के मालिकों को किराया न मिलने की वजह से सीकर में सभी केंद्रों को ताला लगा दिया गया है। जिसके कारण हम लोग भी सड़क पर आ गए हैं। हमें आंगनबाड़ी केंद्रों के अंदर घुसने ही नहीं दिया जा रहा।

ममता ने बताया- आंगनबाड़ी केंद्र का किराया हर महीने 750 रुपए मिलता है। सीकर जैसे बड़े शहर में 750 रुपए में कोई भी मकान मालिक अपना मकान नहीं देता। एक रूम का कम से कम तीन 3 हजार किराया लेते हैं। आंगनबाड़ी केंद्र चलाने वाली हर महिला वर्कर अपनी जेब से 1500 से 2 हजार रुपए हर महीने किराया दे रही है। सरकार को हर महीने कम से कम 3 हजार एक आंगनबाड़ी केंद्र का किराया देना चाहिए।
दूसरी और मानदेय भी केंद्र व राज्य सरकार की ओर से टुकड़ों में दिया जाता है। मानदेय 4 महीने या 6 महीने में मिलता है जिसे केंद्र चलाना बहुत मुश्किल हो गया है। वहीं विभाग की ओर से पोषण ट्रैकर पर हमारे से डाटा फीडिंग रोजाना करवाया जाता है लेकिन उसके भी पूरे पैसे नहीं दिए जाते। रिचार्ज के नाम पर 166 रुपए दिए जाते हैं। 166 रुपए में किसी भी नेटवर्क का रिचार्ज नहीं होता। इसलिए केंद्र व राज्य सरकार को केंद्र का किराया, मानदेय व उचित रिचार्ज करवा कर देना चाहिए।
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