बज्म ए तराना की यादें रफी मे सजी सुरो की महफिल
बज्म ए तराना की यादें रफी मे सजी सुरो की महफिल
जनमानस शेखावाटी संवाददाता : चंद्रकांत बंका
झुंझुनूं : देश के महान गायक मोहम्मद रफी की 44 वी पुण्यतिथि पर शहर की संगीत संस्था बज्म ए तराना की यादें रफी में एक शानदार संगीतमई शाम का आयोजन शहर के गुढ़ा फाटक एक फार्म हाउस पर किया गया । यादें रफी प्रोग्राम में हनुमानगढ़ के दुर्जना गांव से आई पूनम मीर ने रफी साहब का गीत तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे, मौसम है आशिकाना गीत से अपनी खूबसूरत गायकी से झुंझुनूं वासियों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में झुंझुनूं के गायक मोहम्मद बिलाल ने ओ दुनिया के रखवाले गीत गाकर वाह पर मौजूद संगीत प्रेमियों पर अपनी आवाज की छाप छोड़ी। सुल्ताना से रोमिल निगम ने आज मौसम बेईमान और मुझे तेरी मुहब्बत का सहारा मिल गया होता सुनाया तो रफी साहब की याद को ताजा कर दिया झुंझुनूं के नवोदित गायक गफूर शेख ने याद ना जाय बीते दिनों की तो सीकर के गायक जाकिर फारूकी ने आज की रात मेरे दिल की सलामी ले ले से प्रोग्राम को परवान पर चढ़ाया तो वही झुंझुनूं के मशहूर गायक और बज्म तराना के संस्थापक गायक जाकिर अब्बासी ने बड़े बेवफा है हुस्न वाले सुनाकर अपनी गायिकी का परिचय दिया । बज्म ए तराना के इस शानदार संगीतमई प्रोग्राम का संचालन युवा पुरस्कार विजेता विजय हिंद जलिमपुरियां ने बहुत ही उम्दा और सलीके से कर प्रोग्राम में चार चांद लगा दिए प्रोग्राम के मुख्य अतिथि निर्वाण होटल के डायरेक्टर फारूक निर्वाण की और से सभी गायक कलाकारों को अपनी तरफ से नकद इनाम और मुमेंटो दिया गया और प्रोग्राम में पधारे जाकिर झुंझुनूंवाला की और से सभी गायकों को दुपट्टा भेंट किया गया ।
यादें रफी के प्रोग्राम में संस्था के फाउंडर सदस्य सरफराज खान, जहांगीर परवेज, रफीक मिर्जा, रुस्तम बडगुजर, शरीफ राईन, इमरान, समीर अंसारी, जुल्फिकार अली, आदिल अली, अली हसन परवेज, मनोहर धूपिया, असलम मोयल, रफीक पहाड़ियां, सज्जाद मलवान, शौकत सय्यद, व शहर के सैकड़ों संगीत प्रेमी व गणमान्यजन मौजूद थे ।
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