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रूस जाना था इसलिए रची थी अपनी किडनैपिंग की साजिश:जानती थी पिता के पास हैं 30 लाख रुपए; कोटा पुलिस ने किए चौंकाने वाले खुलासे


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रूस जाना था इसलिए रची थी अपनी किडनैपिंग की साजिश:जानती थी पिता के पास हैं 30 लाख रुपए; कोटा पुलिस ने किए चौंकाने वाले खुलासे

कोटा : कोटा से अपने ही किडनैपिंग की साजिश रचने वाली इंदौर की स्टूडेंट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी लड़की ने बताया है कि वो रूस जाना चाहती थी, इसलिए उसने अपने दोस्त के साथ पूरा प्लान बनाया। लड़की को जानकारी थी कि उसके पिता के पास 30 लाख रुपए हैं।

इन्हीं पैसों पर उसकी नजर थी। आरोपी ने बताया कि वो रूस से एमबीबीएस करना चाहती थी। इंटरनेट से उसने वहां के कॉलेज, फीस, हॉस्टल आदि के बारे में पूरी जानकारी जुटा ली थी। इसके बाद यूट्यूब के वीडियो देखकर किडनैपिंग की झूठी कहानी बनाई।

दरअसल, 18 मार्च को शिवपुरी (मध्य प्रदेश) के रहने वाले रघुवीर धाकड़ ने कोटा के विज्ञान नगर थाने में अपनी बेटी के किडनैपिंग का केस दर्ज कराया था। हालांकि, कुछ दिन बाद ही कोटा पुलिस ने इस मामले का पूरा खुलासा कर दिया था। आरोपी स्टूडेंट और उसका दोस्त इसके बाद से फरार थे। वे दोनों 29 मार्च को ही वापस इंदौर लौटे थे। इसके बाद 2 अप्रैल को इंदौर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

कोटा SP का कहना है आरोपी छात्रा और उसके दोस्त से अभी पूछताछ जारी है। कुछ और नए खुलासे इस केस में हो सकते हैं।
कोटा SP का कहना है आरोपी छात्रा और उसके दोस्त से अभी पूछताछ जारी है। कुछ और नए खुलासे इस केस में हो सकते हैं।

छात्रा को पता था वो पास नहीं हो सकती

आरोपी स्टूडेंट काव्या धाकड़ (20) ने पुलिस को बताया है कि वो जानती थी कि इस बार भी नीट परीक्षा में वो पास नहीं हो पाएगी। इसलिए वो घरवालों को बिना बताए वो रूस जाना चाहती थी। इसके लिए उसने पूरी रिसर्च भी कर ली थी। एक बार वहां सेटल हो जाने के बाद वह पूरा मामला अपने पिता को समझाने वाली थी। हालांकि, उसे अंदाजा नहीं था कि मामला इतना बढ़ जाएगा।

कोटा SP अमृता दुहन ने बताया कि शिवपुरी के बैराड़ की रहने वाली काव्या ने पूरी प्लानिंग यूट्यूब पर वीडियो देखकर की थी। यूट्यूब पर उसने सर्च किया कि डायरेक्ट MBBS कौनसी यूनिवर्सिटी करवा रही है। सर्च में उसे रूस की एक यूनिवर्सिटी के बारे में जानकारी मिली। यहां से उसे MBBS करने के लिए उसे 30 लाख की जरूरत होगी। रूस जाने के लिए उसने अपना पासपोर्ट बनवाने के लिए भी आवेदन कर दिया था।

किडनैपिंग की जानकारी के बाद से दोनों के कई वीडियो भी सामने आए थे। जिसके बाद केस के फर्जी होने की बात पुख्ता हो गई।
किडनैपिंग की जानकारी के बाद से दोनों के कई वीडियो भी सामने आए थे। जिसके बाद केस के फर्जी होने की बात पुख्ता हो गई।

क्राइम एपिसोड देखने लगी थी काव्या

SP ने बताया कि रुपयों का इंतजाम करने के लिए काव्या सोशल मीडिया पर क्राइम एपिसोड देखने लगी। इसके बाद उसे सबसे आसान रास्ता अपनी ही किडनैपिंग की साजिश दिखा। उसने वो वीडियोज देखे जिसमें खुद के अपहरण की साजिश रच कर घरवालों से पैसे मांगे गए थे। इन्हीं वीडियोज को देखकर काव्या और उसके साथी हर्षित ने पुलिस को चकमा देने की भी पूरी प्लानिंग की थी।

उसने इंदौर में अपने हाथ पैर बंधे होने के फोटो वीडियो बनवाए, ताकि घरवालों को लगे कि जो धमकी आ रही है वह सही है। छात्रा ने प्लानिंग की थी कि पिता से रुपए वसूलने के बाद वह सीधा रूस निकल जाएगी। उसे यह भी मालूम था कि उसके पिता रघुवीर ने हाल ही में एक प्लाट बेचा है जिसकी रकम उसे मिल जाएगी।

इसकी प्लानिंग काव्या और उसके साथी ने 18 मार्च को मैसेज भेजने के डेढ़ महीने पहले ही शुरू कर दी थी। छात्रा का दोस्त हर्षित सागर का रहने वाला है। वह भी काव्या की तरह झूठ बोलकर इंदौर में रह रहा था। उसने अपने घरवालों से कहा था कि वह कोटा में पढ़ने के लिए जा रहा है।

लेकिन, कोटा आने की बजाय वह छात्रा के साथ इंदौर में रहने लगा। हालांकि, पहले ये बात उसने घरवालों से छिपाई थी, लेकिन बाद में उसने अपने भाई को इस बारे में बता दिया था। उसके भाई ने परिजनों को बता दिया था। लेकिन, काव्या लगातार परिजनों से झूठ बोलती रही।

18 मार्च के मैसेज का वो स्क्रीनशॉट, जिसके बाद मध्यप्रदेश और राजस्थान में हड़कंप मच गया था।
18 मार्च के मैसेज का वो स्क्रीनशॉट, जिसके बाद मध्यप्रदेश और राजस्थान में हड़कंप मच गया था।

16 दिनों तक 3 राज्यों के चक्कर काटे

SP के अनुसार काव्या और उसके दोस्त हर्षित और बृजेश ने मिलकर छात्रा के हाथ-पैर बंधे होने के फोटो-वीडियो बनाए। यह बृजेश के कमरे पर इंदौर में ही बनाए गए थे। इसके बाद उन्होंने मैसेज इंदौर की बजाय राजस्थान से भेजने का प्लान बनाया। उन्होंने 18 मार्च को जयपुर में नई सिम ली और वहीं से छात्रा के पिता को मैसेज किया। इसके बाद वापस 19 को इंदौर पहुंच गए, लेकिन मामला बढ़ता देख दोनों डर गए।

इसलिए 19 की रात को ही दोनों इंदौर स्टेशन पहुंचे और वहां से चंडीगढ़ की ट्रेन में बैठ गए। वहां से दोनों अमृतसर पहुंच गए। उन्होंने सात-आठ दिन गुरुद्वारे में गुजारे। जब इनके पास रुपए पूरी तरह खत्म हो गए तो जैसे-तैसे कर यह 28-29 की रात को वापस इंदौर पहुंच गए। इंदौर में रूम देवगुराड़िया (खुड़ैल) के आगे इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के पास काव्या की सहेली के यहां रूक गए। इसी दौरान मंगलवार को इंदौर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

काव्या और उसके दोस्त हर्षित ने पुलिस को बताया कि वे लगातार घरवालों को भी गुमराह कर रहे थे।
काव्या और उसके दोस्त हर्षित ने पुलिस को बताया कि वे लगातार घरवालों को भी गुमराह कर रहे थे।

घरवालों को करती रही गुमराह

कोटा SP अमृता दुहन ने बताया कि काव्या धाकड़ साल 2020 में कोटा से ही 12वीं की पढ़ाई करने आई थी। इसके बाद उसने 2021 में एक कोचिंग संस्थान में मेडिकल की तैयारी के लिए एडमिशन लिया। उसने एक साल वहां पढ़ाई की लेकिन उसका नीट में सलेक्शन नहीं हुआ। इसी दौरान उसके साथ यहां कुछ युवकों ने छेड़छाड़ की थी।

जिसका जिक्र उसके पिता ने FIR में भी किया था। इस विवाद के बाद वह अपने घर शिवपुरी चली गई थी। 2023 में पिता ने फिर से कोटा नीट की तैयारी करने भेजा। लेकिन, छात्रा ने कोटा में एडमिशन नहीं करवाया और यहां तीन दिन रुकी। तीन दिन में उसका मन यहां नहीं लगा तो वह यहां से सीधा इंदौर चली गई। इंदौर में उसने जिस कोचिंग में वह पहले पढ़ती थी उसी में एडमिशन करवा लिया। घरवालों को यह बताया कि वह कोटा में ही पढ़ रही है। कोटा के नाम से ही किराया और फीस मंगवाती रही।

काव्या के पेरेंट्स ने 18 मार्च को एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उसके पिता ने एक लड़के पर भी शक जताया था जो काव्या को पहले परेशान करता था।
काव्या के पेरेंट्स ने 18 मार्च को एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उसके पिता ने एक लड़के पर भी शक जताया था जो काव्या को पहले परेशान करता था।

काव्या ने पुलिस को बताया कि वह इंदौर में कोचिंग में पढ़ाई कर रही थी। उसके साथ उसका दोस्त हर्षित भी पढ़ाई कर रहा था, लेकिन वह पढ़ाई में कमजोर थी। कुछ समय बाद ही नीट का एग्जाम होना है। ऐसे में घरवालों से बात होती तो वह पढ़ाई को लेकर और एग्जाम को लेकर टेंशन में आ गई। उसे लगा कि इस बार भी उसका सिलेक्शन नहीं होगा तो दिक्कत हो जाएगी।

पहले भी सलेक्शन नहीं हुआ, और वह झूठ बोलकर दोस्त के साथ इंदौर में रह रही है। उसने इंदौर में दूसरा सिम कार्ड खरीदा था, जिससे वह कोचिंग के नाम पर घरवालों को मैसेज भेजती थी।

पुलिस बुधवार शाम काव्या और उसके साथी हर्षित को लेकर कोटा पहुंची।
पुलिस बुधवार शाम काव्या और उसके साथी हर्षित को लेकर कोटा पहुंची।

सहेली के रूम से लिया कस्टडी में

पुलिस ने काव्या को इंदौर में देवगुराड़िया (खुड़ैल) के आगे इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के पास से कस्टडी में लिया। उसके साथ हर्षित भी था। इंदौर पुलिस ने कार्रवाई पूरी करने के बाद छात्रा और उसके दोस्त को कोटा पुलिस को सौंप दिया।इंदौर पुलिस के अनुसार, काव्या ने सुसाइड करने की धमकी दी थी।

इससे उसका साथी हर्षित घबरा गया था। उसी की डिटेल के आधार पर पुलिस दोनों तक पहुंची। छात्रा की सहेली इंडेक्स मेडिकल कॉलेज से ही नर्सिंग का कोर्स कर रही थी। पुलिस का कहना है कि अब कार्रवाई को लेकर कानूनी राय ली जाएगी इसी के आधार पर कार्रवाई होगी।

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