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जसरापुर के पावटा की ढाणी स्थित राउप्रावि के विद्यार्थियों को वन्य जीवों से खौफ


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जसरापुर के पावटा की ढाणी स्थित राउप्रावि के विद्यार्थियों को वन्य जीवों से खौफ

आधे से ज्यादा विद्यार्थी डर के कारण विद्यालय में नहीं आ रहे

जसरापुर (खेतड़ी) : जसरापुर की पावटा की ढाणी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में गत 6-7 दिनों से विद्यालय परिसर में किसी वन्यजीव के पग मार्क होने से विद्यार्थियों में भय का वातावरण एवं डर बना हुआ है। डर के कारण विद्यालय में विद्यार्थी नहीं के बराबर आ रहे हैं। अभिभावक भी अपने बच्चों को स्कूल में नहीं भेज रहे हैं। जिससे ढ़ाणी के ग्रामीणों में तथा विद्यार्थियों में डर है। प्रधानाध्यापक नरोत्तम लाल जांगिड़ ने बताया गत 6-7 दिनों से विद्यालय परिसर में जंगली जानवर के डर विद्यार्थी विद्यालय नहीं आने के कारण उन्होंने क्षेत्रीय वन अधिकारी विजय कुमार फगेड़िया को किसी जंगली जानवर के पैरों के निशान के बारे में अवगत कराया उन्होंने तुरंत प्रभाव से वनरक्षक जितेंद्र चौधरी को मौके पर भेजा उन्होंने पग मार्क की मोबाइल से फोटो खींचकर प्रथम दृष्टया में अंदेशा किया की यह किसी भालू के पग मार्क हो सकते हैं। फिर उन्होंने पग मार्के की फोटो को वन्य जीव एक्सपर्ट के पास भेजो जिससे पता लगे कि कोनसे के वन्य जीव के पगमार्क है। क्षेत्रीय वन अधिकारी के आदेश पर वनरक्षक जितेंद्र चौधरी ने शुक्रवार शाम को तलासी अभियान चलाकर पिंजरे की सहायता से सुरक्षित पकड़ कर वन क्षेत्र में छोड़ने को कहा।

ग्रामीण मुकेश चनेजा ने बताया रात्रि में अनेक प्रकार के वन्य जीव विचारण करते रहते हैं। गत रात्रि हमारे घर में दो जरख घुस गए उसको भगाने के लिए बिजेश चनेजा को फोन करके बुलाया और उनको भगाने की कोशिश की तो उन्होंने हमारे ऊपर हमला करने पर दीवार फांद कर कूद कर जान बचाई हम बाल-बाल बच गए। और जाते वक्त एक छोटा बछड़ा बैठा था उसको उठा कर पहाड़ों में लेकर चले गए ग्रामीण बछड़े की आवाज सुनकर उसको बचाने के प्रयास में रामेश्वर लाल चनेजा, बनवारी लाल, भागीरथ मल, इंद्राज सिंह, मनोज,विकास, धर्मवीर सिंह, भगत सिंह,रणजीत सिंह ने रात को टॉर्च, मोबाइल टॉर्च की रोशनी की सहायता से बचाने के प्रयास की कोशिश की लेकिन दोनों जरख बछड़े को ऊंचे पहाड़ों की ओर ले गए जिससे बचाने का प्रयास असफल रहा ।

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