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बाल विवाह रोकने में मीडिया की भूमिका अहम, 100 दिवसीय अभियान के तहत चूरू में कार्यशाला आयोजित


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बाल विवाह रोकने में मीडिया की भूमिका अहम, 100 दिवसीय अभियान के तहत चूरू में कार्यशाला आयोजित

अधिकारियों ने कहा- बच्चों के भविष्य और अधिकारों की रक्षा के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर रोक लगाने और आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए महिला अधिकारिता विभाग की ओर से शुक्रवार को जिला कार्यालय में मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में हुई कार्यशाला में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की 100 दिवसीय कार्ययोजना और इसके प्रभावी क्रियान्वयन में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की गई।

महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक राजेन्द्र शेखावत ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य में बाधा है। इसे रोकने के लिए प्रशासन, विभागों, मीडिया और आमजन को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से अभियान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने और समाज में जागरूकता पैदा करने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिले में 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और इसकी रोकथाम में नागरिकों की भूमिका की जानकारी दी जा रही है।

जनसंपर्क अधिकारी सूर्यकान्त कुमावत ने कहा कि बाल विवाह बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है। मीडिया अपनी लेखनी और जनसंवाद के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वहीं जनसंपर्क अधिकारी मनीष कुमार ने बाल विवाह रोकने, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और बाल अधिकारों के संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को बाल विवाह मुक्त चूरू और बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प में सक्रिय भागीदारी की शपथ दिलाई।

कार्यशाला में सुपरवाइजर कृष्णा ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के साथ सखी वन स्टॉप सेंटर, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना और शिक्षा सेतु योजना सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। मीडिया प्रतिनिधियों ने भी बाल विवाह की रोकथाम और महिला-बालिका सशक्तीकरण को लेकर अपने सुझाव रखे।

इस दौरान लेखाधिकारी श्रीरामसिंह, प्रशासनिक अधिकारी अनिल सिहाग, सुपरवाइजर प्रीति, सखी प्रबंधक नीरज कविया, पूनम, हेमंतसिंह, धर्मेन्द्र धायल, भूपेन्द्र सिंह, मंजू, सुमन, शारदा, अंजना गुप्ता सहित मीडिया प्रतिनिधि और विभागीय कार्मिक मौजूद रहे।

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