झुंझुनूं हादसा: 8 मजदूरों की मौत के बाद 7 घंटे तक धरना, 15-15 लाख मुआवजे और संविदा नौकरी पर बनी सहमति
छापोली में सड़क निर्माण के दौरान 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आई मिक्सर मशीन; एक ही परिवार के 4 सदस्यों की मौत, 5 घायल; आश्वासन के बाद शाम 5 बजे धरना समाप्त
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : कैलाश बबेरवाल
उदयपुरवाटी : राजस्थान के झुंझुनूं जिले की छापोली गांव में सोमवार सुबह सड़क निर्माण के दौरान हुए भीषण हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य लोग झुलस गए। रोड़ी-बजरी मिक्सर मशीन का हाइड्रोलिक जैक ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे मशीन में करंट फैल गया और आसपास काम कर रहे श्रमिक इसकी चपेट में आ गए।
हादसे के बाद गांव में मातम और आक्रोश का माहौल बन गया। मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे, नौकरी और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। करीब 7 घंटे तक चली बातचीत के बाद शाम 5 बजे मृतकों के आश्रितों को 15-15 लाख रुपये की सहायता और परिवार के एक-एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने के आश्वासन पर सहमति बनी। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया और परिजन शव लेने के लिए तैयार हो गए।
मशीन को दूसरी जगह ले जाते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार छापोली-कदम कुंड मार्ग पर सीसी सड़क का निर्माण कार्य भामाशाह की मदद से चल रहा था। यह स्थान सीकर-नीमकाथाना स्टेट हाईवे से करीब 150 मीटर दूर कदमकुंड की तरफ जा रहा है। सोमवार सुबह लगभग 10 बजे रोड़ी-बजरी मिलाने वाली मशीन को धक्का देकर दूसरी जगह ले जाया जा रहा था। इसी दौरान मशीन का हाइड्रोलिक जैक ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से टकरा गया।
करंट फैलते ही मशीन के आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में 8 लोगों की जान चली गई और पांच अन्य झुलस गए। घायलों को तत्काल उदयपुरवाटी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां घायलों का उपचार जारी है। घायल महेंद्र सैनी के अनुसार मशीन को दूसरी जगह ले जाने के दौरान यह हादसा हुआ। उस समय मौके पर करीब 12-13 लोग मौजूद थे।
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
हादसे में हालेड़ा मंडावरा निवासी हरिराम गुर्जर (30), मंगलचंद गुर्जर (22), कालूराम गुर्जर (29), पवन गुर्जर (23) की मौत हो गई। बताया गया कि चारों एक ही परिवार के थे।

इसके अलावा छापोली निवासी विष्णु सैनी (38), सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी (30), मुकेश सैनी (27) और नितेश सैनी उम्र 26 वर्ष निवासी उदयपुरवाटी की भी हादसे में मौत हुई। हादसे में महेंद्र सैनी, गीता देवी, संतरा देवी, गीगाराम सैनी, मंजू देवी झुलसकर गंभीर घायल हुए।
15 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को संविदा नौकरी
धरने के दौरान मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने आर्थिक सहायता के साथ परिवारों के पुनर्वास की मांग उठाई। बातचीत के बाद मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बताया कि मृतकों के आश्रितों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 15-15 लाख रुपये की सहायता देने और प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने पर सहमति बनी है।
मंत्री ने विकास अधिकारी और तहसीलदार को निर्देश दिए कि राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को लाभ दिलाया जाए।
हालांकि, पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने प्रत्येक परिवार को 20 से 25 लाख रुपये की सहायता देने की मांग की थी। कुछ ग्रामीणों ने इससे भी अधिक मुआवजे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी हादसे पर दुख जताया गया और मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की जानकारी सामने आई है।
मंत्री बोले- वन विभाग की जमीन पर बन रही थी सड़क
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सड़क निर्माण सरकारी योजना के तहत नहीं हो रहा था, बल्कि ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से सड़क बनवाने का निर्णय लिया था। उनके अनुसार रास्ता वन विभाग की जमीन से संबंधित था और इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया के तहत डायवर्जन प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए था।
मंत्री ने झुंझुनूं के डीएफओ को संबंधित जन प्रतिनिधियों से संपर्क कर रास्ते के डायवर्जन का प्रस्ताव पोर्टल पर अपलोड कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों का आरोप- कुछ दिन पहले बदली गई थी बिजली लाइन
ग्रामीण रोहिताश्व ने आरोप लगाया कि 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन पहले सड़क से दूर थी, लेकिन कुछ दिन पहले इसे बदलकर रास्ते के ऊपर से निकाल दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि तार नीचे होने के कारण मशीन उसके संपर्क में आ गई और इतना बड़ा हादसा हो गया।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि बिजली बंद करवाने के लिए फोन किया गया था, लेकिन ग्रिड सब स्टेशन पर कर्मचारी मौजूद नहीं था। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क निर्माण का काम पिछले तीन-चार महीने से जनसहयोग से चल रहा था। बीच-बीच में काम रुकता रहा और सोमवार को दोबारा काम शुरू किया गया था।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, जांच के निर्देश
हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग, पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर, स्थानीय विधायक भगवानाराम सैनी, पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, गुर्जर नेता रविंद्र भड़ाना, थानाधिकारी रामपाल मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना पर दुख जताते हुए घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि यह राजनीति का मुद्दा नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का समय है। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों को पर्याप्त सहायता और रोजगार उपलब्ध कराने की अपील की।
हादसे ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
छापोली का यह हादसा सड़क निर्माण के दौरान विद्युत सुरक्षा और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हाईटेंशन लाइन के आसपास भारी मशीनों के संचालन से पहले बिजली आपूर्ति बंद कराने, सुरक्षित दूरी सुनिश्चित करने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत होती है।
आठ मजदूरों की मौत के बाद अब सबसे अहम सवाल यही है कि मशीन हाईटेंशन लाइन के संपर्क में कैसे आई और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों में कहां चूक हुई। इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल सात घंटे तक चले धरने के बाद मुआवजे और संविदा नौकरी के आश्वासन पर सहमति बन गई है, लेकिन आठ परिवारों के लिए यह हादसा जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया है।
इन्होंने कहा :
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में हुई दुर्घटना में लोगों की जान जाने की खबर अत्यंत दुखद है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राजस्थान के झुंझुनूं में हुए हादसे में लोगों की जान जाने से दुखी हूँ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायल लोग जल्द स्वस्थ हों। जान गंवाने वालों के परिजनों को PMNRF से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

झुंझुनूं में हुए हादसे में करंट लगने से मजदूरों की असामयिक मृत्यु की खबर अत्यंत हृदयविदारक है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था करें, प्रभावित परिवारों को तत्काल हर संभव सहायता प्रदान करें और इस घटना की जांच कराएं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को उनके चरणों में स्थान मिले, घायल लोग जल्द स्वस्थ हों और शोक संतप्त परिवारों को इस गहरे दुख को सहने की शक्ति मिले। ॐ शांति! – सीएम भजनलाल शर्मा

झुंझुनूं के उदयपुरवाटी स्थित छपोली में करंट लगने से कई मजदूरों की दुखद और दिल दहला देने वाली मौत अत्यंत पीड़ादायक है। सड़क निर्माण के दौरान यह हादसा कैसे हुआ और इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है, इसका पता लगाने के लिए पूरी घटना की गहन जांच होनी चाहिए। जिन परिवारों ने इस हादसे में अपने अपनों को खो दिया है, उन पर क्या बीत रही होगी, यह सोचकर ही मन व्यथित हो उठता है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और हर संभव सहायता मिले। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। – पूर्व सीएम अशोक गहलोत

झुंझुनूं के छपोली (उदयपुरवाटी) में सड़क निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से 8 मजदूरों की दुखद मौत और कई अन्य लोगों के घायल होने की खबर अत्यंत हृदयविदारक और झकझोर देने वाली है। यह महज एक हादसा नहीं है, बल्कि कई परिवारों के जीवन में छाया एक ऐसा अंधेरा है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। सड़क निर्माण के दौरान इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई? इस त्रासदी के लिए कौन जिम्मेदार है? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। मैं सरकार से मांग करता हूं कि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें कुछ सांत्वना मिल सके। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति दें और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। – गोविन्द सिंह डोटासरा

मरने वाले लोग बहुत गरीब परिवार से हैं। ये पॉइंट हादसों का है। यहां 7-8 लोग हर साल मर जाते हैं। मेरी मुख्यमंत्री से बात हुई है। मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी यहां आए हैं। कलेक्टर-एसपी भी मौजूद है। मेरी सरकार से विनती है कि नियमों से हटकर कम से कम प्रति परिवार को 20 से 25 लाख रुपए दिए जाने चाहिए। – पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा

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