मासूम की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे परिजन, बची जान; दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के दोषी को उम्रकैद
चॉकलेट दिलाने का झांसा देकर बच्ची को सुनसान स्थान पर ले गया था आरोपी, पॉक्सो विशेष अदालत ने लगाया 1.50 लाख रुपए का जुर्माना
झुंझुनूं : चार साल आठ महीने की मासूम के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या का प्रयास करने के मामले में पॉक्सो विशेष अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 1 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। घटना के दौरान बच्ची की आवाज सुनकर पहुंचे परिजनों ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया था, जिससे उसकी जान बच गई।
पॉक्सो विशेष न्यायालय के न्यायाधीश इसरार खोखर ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। सहायक लोक अभियोजक सुरेंद्र भाम्बू ने बताया कि घटना 14 अप्रैल 2026 की है। उस दिन बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। आरोपी उसे चॉकलेट दिलाने का झांसा देकर गांव के बाहर एक सुनसान खंडहरनुमा स्थान पर ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और बाद में मारपीट कर उसकी हत्या करने का प्रयास किया।
बच्ची की आवाज सुनकर पहुंचे परिजन
सहायक लोक अभियोजक के अनुसार, बच्ची के अचानक गायब होने पर परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में जुट गए। इसी दौरान एक सुनसान स्थान से बच्ची के रोने-चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। परिजन और ग्रामीण वहां पहुंचे तो आरोपी मौके पर मौजूद मिला। उन्होंने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। समय रहते परिजनों के पहुंचने से बच्ची की जान बच गई।
23 गवाहों के बयान, 45 से अधिक साक्ष्य पेश
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 23 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए और 45 से अधिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई और 1.50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
फैसले में न्यायाधीश ने कहा कि दोष सिद्ध होने के बाद दोषी के प्रति उदारता नहीं दिखाई जानी चाहिए, क्योंकि इससे न्याय व्यवस्था प्रभावित होती है और आमजन का विश्वास भी कमजोर पड़ता है।
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