सुभाष चन्द्र बजाज के मरणोपरांत नेत्रदान से दो दृष्टिबाधितों को मिलेगी रोशनी
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : सरदारशहर निवासी स्वर्गीय सुभाष चन्द्र बजाज के निधन के बाद उनके परिजनों ने नेत्रदान कर मानवता और परोपकार की मिसाल पेश की। रविवार को 73 वर्ष की आयु में उनके निधन के बाद परिवार ने शोक की घड़ी में भी नेत्रदान का निर्णय लिया। इस पुनीत कार्य से दो दृष्टिबाधित व्यक्तियों को दृष्टि मिलने की उम्मीद है।
स्वर्गीय बजाज के पुत्र सूर्यप्रकाश और भाई श्रवण बजाज ने नेत्रदान की सहमति और प्रक्रिया पूरी करवाई। बजाज आई हॉस्पिटल, चूरू स्थित नेत्र संग्रह केंद्र की तकनीकी टीम के मयंक कुमार महिचा और हाकिम अली ने रात में कॉर्निया संग्रह की चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की। ढाढ़ण शक्ति भक्त मंडल के श्रवण बजाज ने इस कार्य के लिए परिवार को प्रेरित करने में मुख्य भूमिका निभाई। इस दौरान सूर्यप्रकाश, ताराचंद बजाज, चन्द्रप्रकाश, संजय बजाज और नरेश दुधियावाला सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
नवस्थापित केंद्र का पहला नेत्रदान
ईबीएसआर बजाज नेत्र संग्रह केंद्र, चूरू के समन्वयक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि यह नवस्थापित केंद्र का पहला नेत्रदान है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नेत्रदान और अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ना सकारात्मक संकेत है।
बजाज आई हॉस्पिटल, चूरू के ट्रस्टी श्याम सुंदर बजाज और भारत विकास परिषद, चूरू ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस मानवीय पहल के लिए आभार जताया। स्वर्गीय सुभाष चन्द्र बजाज के परिजनों के इस निर्णय ने संदेश दिया कि नेत्रदान के माध्यम से मृत्यु के बाद भी दूसरों के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19





Total views : 2446448

