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बिसाऊ बस स्टैंड तक रोडवेज बसें कब आएंगी?


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बिसाऊ बस स्टैंड तक रोडवेज बसें कब आएंगी?

चुनाव से पहले किया था वादा, अब जनता मांग रही जवाब; बाईपास पर उतरने को मजबूर यात्री, दुकानदारों को भी नुकसान

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : लतीफ खान

बिसाऊ : नगर पालिका चुनाव संपन्न होने के बाद बिसाऊ में भाजपा-कांग्रेस की मिली-जुली सरकार का गठन हो चुका है। अध्यक्ष पद पर कांग्रेस की सलमा सैय्यद और उपाध्यक्ष पद पर भाजपा की जुलेखा खत्री जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब कस्बेवासियों की नजर चुनाव से पहले किए गए वादों के पूरा होने पर है। इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा रोडवेज बसों को बाईपास के बजाय बिसाऊ के मुख्य बस स्टैंड तक लाने का है।

चुनाव से पहले आमजन ने भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेताओं के सामने यह मांग प्रमुखता से रखी थी। लोगों को भरोसा दिलाया गया था कि चुनाव के बाद इस दिशा में आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। अब चुनाव संपन्न होने के बाद लोग पूछ रहे हैं कि आखिर रोडवेज बसें मुख्य बस स्टैंड तक कब आएंगी।

बस स्टैंड पर सुविधाएं, फिर बसें बाईपास से क्यों?

स्थानीय लोगों के अनुसार बिसाऊ के मुख्य बस स्टैंड पर रोडवेज बसों के ठहराव के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां बसों और यात्रियों के लिए बड़ा टिन शेड, बैठने के लिए कुर्सियां, प्रतीक्षालय, पेयजल के लिए वाटर कूलर तथा महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय की सुविधा मौजूद है। ऐसे में लोगों का सवाल है कि जब बस स्टैंड पर यात्रियों और बसों के ठहराव की व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, तो रोडवेज बसों का नियमित संचालन मुख्य बस स्टैंड से क्यों नहीं किया जा रहा।

परिवहन मंत्री भी कर चुके हैं बस स्टैंड का निरीक्षण

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान झुंझुनूं विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक एवं परिवहन मंत्री विजेंद्र ओला ने भी बिसाऊ बस स्टैंड का निरीक्षण किया था। इस दौरान बस स्टैंड पर रोडवेज संचालन के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक समय रोडवेज बसों का संचालन बस स्टैंड के अंदर शुरू भी किया गया था, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद रोडवेज बसों को वापस बस स्टैंड तक लाने की मांग को लेकर स्थानीय स्तर पर आवाज उठाई गई।

संघर्ष समिति ने भी उठाया था मुद्दा

स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व में रोडवेज संघर्ष समिति ने इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया था। हालांकि बाद में राजनीतिक परिस्थितियों के बीच संघर्षरत लोगों पर पुलिस की ओर से पाबंदी की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद आंदोलन धीरे-धीरे ठंडा पड़ गया और बसों को बस स्टैंड के अंदर लाने की मांग भी पीछे छूट गई। अब नगर पालिका चुनाव के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।

बाईपास पर उतरने से यात्रियों की बढ़ रही परेशानी

रोडवेज बसों के बाईपास से गुजरने के कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को बाईपास पर उतरने के बाद मुख्य बस स्टैंड या घर तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त साधन लेना पड़ता है। इससे यात्रियों का अतिरिक्त समय और पैसा खर्च होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रोडवेज बसें सीधे मुख्य बस स्टैंड तक पहुंचें तो यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है।

बस स्टैंड के दुकानदारों को भी रोडवेज संचालन का इंतजार

रोडवेज बसों का नियमित आवागमन नहीं होने का असर बस स्टैंड क्षेत्र के दुकानदारों के कारोबार पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि यदि बसों का नियमित ठहराव शुरू हो जाए तो यात्रियों की आवाजाही बढ़ेगी और इससे स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलेगा।

हारून खत्री से भी लोगों को उम्मीद

इस मुद्दे को लेकर बस स्टैंड के व्यापारियों और आमजन की नजर भाजपा के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हारून खत्री पर भी है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वे इस मामले को संबंधित अधिकारियों और रोडवेज विभाग के समक्ष रखकर बिसाऊ बस स्टैंड तक बसों के नियमित संचालन के लिए प्रयास करेंगे।

राजनीतिक दलों से ऊपर जनहित का मुद्दा

स्थानीय लोगों का कहना है कि रोडवेज बसों का मुख्य बस स्टैंड तक संचालन किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे कस्बे की सुविधा से जुड़ा विषय है। लोगों का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों को मिलकर इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए।

दीपावली से पहले फैसले की उम्मीद

दीपावली का पर्व नजदीक है। ऐसे में कस्बेवासियों की उम्मीदें फिर बढ़ गई हैं। लोगों को उम्मीद है कि त्योहार से पहले रोडवेज बसों को बिसाऊ के मुख्य बस स्टैंड तक लाने को लेकर ठोस निर्णय लिया जाएगा। अब सवाल यही है कि चुनाव से पहले किया गया रोडवेज बसों को मुख्य बस स्टैंड तक लाने का वादा दीपावली से पहले पूरा होगा या फिर यह भी आश्वासन बनकर रह जाएगा? बिसाऊ की जनता अब आश्वासन नहीं, रोडवेज बसों के मुख्य बस स्टैंड तक नियमित संचालन की कार्रवाई चाहती है।

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