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धोद में निर्दलीय पार्षद का वोट निर्णायक रहा:नवीन पंवार पहले निर्वाचित चेयरमैन बने, पिता ने कहा— जनता की सेवा करेगा बेटा


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धोद में निर्दलीय पार्षद का वोट निर्णायक रहा:नवीन पंवार पहले निर्वाचित चेयरमैन बने, पिता ने कहा— जनता की सेवा करेगा बेटा

धोद में निर्दलीय पार्षद का वोट निर्णायक रहा:नवीन पंवार पहले निर्वाचित चेयरमैन बने, पिता ने कहा— जनता की सेवा करेगा बेटा

धोद : नवगठित धोद नगरपालिका के पहले अध्यक्ष चुनाव में भाजपा प्रत्याशी नवीन पंवार धोद के पहले निर्वाचित चेयरमैन बन गए। नवीन पंवार को कुल 11 वोट मिले, जबकि कांग्रेस-माकपा गठबंधन के उम्मीदवार प्रेमाराम को 9 वोट मिले। वार्ड 5 से निर्दलीय पार्षद प्रभु का समर्थन भाजपा को मिला, जिससे चुनाव का नतीजा बदल गया।

पंवार को कंधों पर उठाकर जीत का जश्न

परिणाम घोषित होते ही नगरपालिका परिसर भाजपा समर्थकों के नारों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और आतिशबाजी की। उन्होंने नवनिर्वाचित चेयरमैन नवीन पंवार को कंधों पर उठाकर जीत का जश्न मनाया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर समर्थक देर तक नाचते रहे।

अध्यक्ष चुनाव से पहले निर्दलीय पार्षद प्रभु सबसे ज्यादा चर्चा में थे। दोनों प्रमुख दल उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे थे। मतदान के दिन प्रभु भाजपा नेताओं के साथ एक वाहन में नगरपालिका पहुंचे, जिससे उनके फैसले को लेकर अटकलें तेज हो गईं।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेताओं ने प्रभु से लगातार संपर्क बनाए रखा। कई दौर की बातचीत के बाद वे उनका समर्थन हासिल करने में सफल रहे। आखिरकार अध्यक्ष चुनाव में प्रभु का वोट भाजपा के पक्ष में गया, जो जीत का निर्णायक आधार बना।

परिणाम घोषित होते ही नगरपालिका परिसर भाजपा समर्थकों के नारों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और आतिशबाजी की।
परिणाम घोषित होते ही नगरपालिका परिसर भाजपा समर्थकों के नारों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और आतिशबाजी की।

साधारण परिवार का बेटा बना धोद का पहला निर्वाचित चेयरमैन

धोद नगरपालिका के पहले निर्वाचित चेयरमैन बने नवीन पंवार एक साधारण एवं मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता महेश पंवार मजदूरी करते हैं, जबकि माता नर्बदा देवी गृहिणी हैं। बड़े भाई अरविंद पंवार धोद में ही कार्यरत हैं। नवीन ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की शिक्षा प्राप्त की है।

रेलवे की तैयारी से चेयरमैन की कुर्सी तक

नवीन पंवार ने वर्ष 2020-21 में रेलवे एनटीपीसी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की थी। पहले चरण की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद अंतिम चयन नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने सरकारी नौकरी की तैयारी छोड़ दी, लेकिन अध्ययन और सामाजिक सरोकारों से उनका जुड़ाव लगातार बना रहा। वर्ष 2019 में गौसेवा से उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। गौसेवा के माध्यम से लोगों के बीच पहचान बनाने के बाद वे भाजपा संगठन से जुड़े और लगातार जनहित के कार्यों में सक्रिय रहे। सामाजिक सेवा और संगठन में सक्रियता के बल पर उन्होंने क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।

पिता ने कहा— जनता की सेवा करेगा बेटा

जीत के बाद नवीन पंवार के पिता महेश पंवार ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनका बेटा आमजन की समस्याओं के समाधान और क्षेत्र के विकास के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करेगा।

विकास को मिलेगी गति : गोरधन वर्मा

धोद विधायक गोरधन वर्मा ने नगरपालिका में भाजपा का बोर्ड बनने पर नगरवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नगरपालिका क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति दी जाएगी तथा आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा। चारागाह भूमि पर बसे परिवारों के संबंध में उन्होंने कहा कि किसी गरीब के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। आबादी क्षेत्र में कन्वर्जन करवाकर पात्र परिवारों को पट्टे दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

कांग्रेस पार्षद का आरोप

परिणाम घोषित होने के बाद कांग्रेस के वार्ड 3 के पार्षद राजेश कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “इस चुनाव में मतदाता हार गए और पैसा जीत गया।” उनके इस बयान के बाद स्थानीय राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

अब उपाध्यक्ष चुनाव पर नजर

अध्यक्ष पद का चुनाव समाप्त होने के बाद अब सभी की निगाहें उपाध्यक्ष पद के चुनाव पर टिक गई हैं। दोनों राजनीतिक खेमे अपने-अपने समीकरण मजबूत करने में जुट गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में नगरपालिका की राजनीति और भी रोचक होने की संभावना है।

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