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RSS की किताबों के वितरण पर SFI का विरोध:छात्रों ने फाड़ी बुक्स, जताया आक्रोश; कॉलेज में परीक्षा करवाने का भी लगाया आरोप


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झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

RSS की किताबों के वितरण पर SFI का विरोध:छात्रों ने फाड़ी बुक्स, जताया आक्रोश; कॉलेज में परीक्षा करवाने का भी लगाया आरोप

RSS की किताबों के वितरण पर SFI का विरोध:छात्रों ने फाड़ी बुक्स, जताया आक्रोश; कॉलेज में परीक्षा करवाने का भी लगाया आरोप

झुंझुनूं : झुंझुनूं के आर.आर. मोरारका राजकीय पीजी कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी किताबों के वितरण और उनसे परीक्षा करवाए जाने के आरोप को लेकर छात्र संगठन SFI ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने किताबें फाड़कर विरोध दर्ज कराया।

SFI तहसील अध्यक्ष अमित शेखावत ने कहा- प्रशासनिक स्तर पर सरकारी स्कूलों और महाविद्यालयों में RSS की किताबें वितरित कर विद्यार्थियों को उनमें शामिल विचारधारा से प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।RSS प्रशासन पर दबाव बनाकर महाविद्यालयों के साथ-साथ सरकारी विद्यालयों में कार्यरत प्राचार्यों और प्रधानाचार्यों के माध्यम से किताबों का वितरण करवा रहा है।

किताबें फाड़कर जताया विरोध

SFI तहसील अध्यक्ष अमित शेखावत ने कहा- इन किताबों के आधार पर परीक्षा भी करवाई जा रही है और विद्यार्थियों को प्रोत्साहन अथवा इनाम के रूप में राशि देने का प्रावधान रखा गया है। यह विद्यार्थियों की सोच पर एक विशेष विचारधारा थोपने का प्रयास है।

छात्र इन किताबों में लिखी सामग्री को पढ़कर RSS को अपना आदर्श मानें, ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के विरोध में छात्रों ने किताबें फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया।

शिक्षा में विचारधारा थोपने का आरोप

SFI तहसील महासचिव आकाश धनखड़ ने कहा- शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को तथ्यात्मक और निष्पक्ष शिक्षा मिलनी चाहिए। वर्तमान में RSS द्वारा सरकार के सहयोग से स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षा के बजाय अपनी विचारधारा और धार्मिक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस पर भी चुप्पी साध रखी है।

प्राचार्य के बयान को लेकर भी जताया विरोध

कॉलेज कमेटी अध्यक्ष पिंटू ने बताया- जब कॉलेज प्राचार्य को इस संबंध में अवगत कराया गया तो उनका कहना था कि किसी छात्र को इसमें भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा रहा है, इसलिए इसमें कुछ गलत नहीं है। SFI पदाधिकारियों ने प्राचार्य के इस रुख का विरोध किया।

कहा- सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी विशेष संगठन से जुड़ी सामग्री के वितरण और उसके आधार पर परीक्षा करवाना सही नहीं है। प्रदर्शन के दौरान मोहित राठौड़, इमरान, सोयब, नितिन, अंकित, मासूम, आदित्य, पंकज, रवि सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।

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