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रेसा-पी के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का शुभारंभ: प्रधानाचार्यों ने वेतन विसंगति, कार्यभार और पदोन्नति सहित विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा


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रेसा-पी के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का शुभारंभ: प्रधानाचार्यों ने वेतन विसंगति, कार्यभार और पदोन्नति सहित विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

रेसा-पी के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का शुभारंभ: प्रधानाचार्यों ने वेतन विसंगति, कार्यभार और पदोन्नति सहित विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद प्रधानाचार्य (रेसा-पी) जिला चूरू का दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन पीएम श्री राजकीय बागला उच्च माध्यमिक विद्यालय चूरू में शुरू हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता रेसा-पी जिला अध्यक्ष राम कुमार खीचड़ ने की। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी किशनलाल गहनोलिया, विशिष्ट अतिथि सत्यनारायण सैनी, कमल कुमार शर्मा तथा एडीईओ बबीता सैनी रहे। अतिथियों एवं प्रधानाचार्यों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया।

जिला अध्यक्ष राम कुमार खीचड़ ने संगठन की ओर से प्रधानाचार्यों के हित में किए गए कार्यों और सामने आ रही समस्याओं की जानकारी सदन में रखी। उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए अधिक से अधिक प्रधानाचार्यों को जोड़ने की आवश्यकता बताई।सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी किशनलाल गहनोलिया ने शैक्षिक उन्नयन के लिए शिक्षण कार्य को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानाचार्य की कार्यशैली तथा कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं का धैर्यपूर्वक समाधान करने के संबंध में सुझाव दिए।

समस्याओं को प्रांतीय स्तर तक भेजने पर जोर

सत्यनारायण सैनी के पर्यवेक्षण में सम्मेलन की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि संगठन के सदस्यों की ओर से बताई गई समस्याओं को एकत्रित कर प्रांतीय स्तर पर भेजा जाएगा। जिला मंत्री हरिप्रसाद टाक ने वर्षभर की गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जबकि कोषाध्यक्ष राजेंद्र गहलोत ने आय-व्यय का ब्यौरा रखा।

पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रेसा-वीपी भंवरलाल गुर्जर ने संगठन के सामने मौजूद चुनौतियों के साथ प्रधानाचार्यों के तिथि अंकन तथा डीईओ-डीपीसी से संबंधित उच्चतम न्यायालय के मामले की प्रगति की जानकारी दी। एडीईओ कमल कुमार शर्मा ने प्रधानाचार्य और डीईओ के बीच एल-17 का नया पद सृजित करने की आवश्यकता बताई।

खुले अधिवेशन में उठे कई मुद्दे

दोपहर के भोजन के बाद खुले अधिवेशन का आयोजन किया गया। इसमें विजय कुमार धुंधवाल, आरिफ खान, मोहन सोनी, शिवराम ईसराण, सुरेश साखोलिया, शिव भगवान सिद्ध, मोहनलाल अर्जुन, भगवाना राम सारण और निर्मला गहलोत ने अपने विचार रखे।

अधिवेशन में वेतन विसंगति, पीईईओ का बढ़ता कार्यभार, पीईईओ और यूसीईईओ के दायित्वों का पुनर्निर्धारण, विद्यालयों में घटता नामांकन, शैक्षणिक वातावरण के उन्नयन में प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों की भूमिका, प्रधानाचार्य का तिथि अंकन, डीईओ की पदोन्नति, गैर सरकारी विद्यालयों की ऑनलाइन जांच तथा प्रधानाचार्यों का यथावत पदस्थापन सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में सुनीता दादरवाल, अल्का भाकर, कविता पूनिया, रेखा मीणा और हंसा शर्मा सहित विभिन्न ब्लॉकों से आए पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में रेसा-पी के प्रधानाचार्य मौजूद रहे। ब्लॉक पदाधिकारियों में सुरेश कुमार साखोलिया, लालचंद, सुनील श्योराण, शिव भगवान सिद्ध, अरविंद कुमार प्रजापत और दिनेश बरबड़ सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। मंच संचालन प्रधानाचार्य जगदीश खेड़ीवाल ने किया।

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