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मंड्रेला में निर्दलीयों का दबदबा, कांग्रेस दूसरे नंबर पर


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मंड्रेला में निर्दलीयों का दबदबा, कांग्रेस दूसरे नंबर पर

25 वार्डों में निर्दलीयों ने 11, कांग्रेस ने 8 और भाजपा ने 6 सीटें जीतीं; बोर्ड गठन के लिए 13 का आंकड़ा, निर्दलीय होंगे निर्णायक

मंड्रेला : नगर पालिका चुनाव के 25 वार्डों के परिणाम सामने आ गए हैं। इस बार मतदाताओं ने किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया। निर्दलीय प्रत्याशियों ने सबसे अधिक 11 वार्डों में जीत दर्ज कर अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। कांग्रेस को 8 और भाजपा को 6 वार्डों में सफलता मिली। ऐसे में नगर पालिका बोर्ड के गठन का पूरा गणित निर्दलीय पार्षदों के रुख पर निर्भर करेगा।

कांग्रेस के लिए वार्ड 6 में मो. युनुस ने 424 मत हासिल कर निर्दलीय सज्जाद हुसैन को 152 मतों से हराया। वार्ड 19 में कौशल्या ने 351 मत लेकर निर्दलीय पुष्पा कुमारी को 143 मतों से शिकस्त दी। वार्ड 3 में महेंद्र सिंह सिलायच ने 77 मतों, वार्ड 9 में नफीसा बानो ने 51 और वार्ड 22 में सुनीता ने 45 मतों से जीत दर्ज की। वार्ड 20 से कांग्रेस की प्रवीन निर्विरोध पार्षद निर्वाचित हुईं।

निर्दलीयों में वार्ड 4 की जुलेखा बानो ने कांग्रेस की चंदा कुमारी को 120 मतों के बड़े अंतर से हराया। वार्ड 5 में खालिदा ने भाजपा की पूजा कुमारी को 124 मतों से, जबकि वार्ड 8 में सुफियान ने कांग्रेस के शाहरुख खोखर को 124 मतों से पराजित किया। वार्ड 14 में रेणु सोनी ने भाजपा के श्रीचंद को 102 मतों से हराया। वहीं वार्ड 18 में बेहद करीबी मुकाबले में निर्दलीय सत्यनारायण ने कांग्रेस की मोनिका कुमारी को महज 4 मतों से हराया।

भाजपा ने वार्ड 11, 13, 16, 17, 21 और 23 में जीत दर्ज की। वार्ड 13 में भाजपा के विनय कुमार ने निर्दलीय नितिन शर्मा को महज 4 मतों से हराया, जबकि वार्ड 17 में रतनी देवी ने 18 मतों से जीत हासिल की।

बोर्ड गठन में निर्दलीयों की भूमिका अहम

25 सदस्यीय बोर्ड में बहुमत के लिए 13 पार्षदों की जरूरत होगी। कांग्रेस के 8 और भाजपा के 6 पार्षद मिलकर 14 का आंकड़ा पूरा कर सकते हैं, लेकिन अध्यक्ष पद के चुनाव में राजनीतिक समीकरण महत्वपूर्ण होंगे। वहीं 11 निर्दलीय पार्षद किसी भी खेमे के पक्ष में जाकर बोर्ड गठन की तस्वीर बदल सकते हैं। ऐसे में मंड्रेला में अध्यक्ष पद का फैसला चुनाव परिणाम से ज्यादा निर्दलीय पार्षदों के रुख पर निर्भर रहने की संभावना है।

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