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उदयपुरवाटी: मतदान की गोपनीयता पर उठे गंभीर सवाल, उदयपुरवाटी में EVM पर मतदान के दौरान की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल


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उदयपुरवाटी: मतदान की गोपनीयता पर उठे गंभीर सवाल, उदयपुरवाटी में EVM पर मतदान के दौरान की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल

इंद्रपुरा शामिल होने के बाद 35 वार्डों में हुआ मतदान, विपक्षी उम्मीदवारों ने प्रशासन पर लगाए साठगांठ के आरोप

उदयपुरवाटी : नगर पालिका में मतदान संपन्न होने के बाद अब पोलिंग बूथों की गोपनीयता और प्रशासनिक दावों पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। हाल ही में इंद्रपुरा गांव को पालिका क्षेत्र में शामिल करने के बाद कुल 35 वार्डों के लिए मतदान 9 सितंबर को प्रातः 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक संपन्न हुआ। यद्यपि मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बताया जा रहा था, लेकिन इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक फोटो और वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है।

EVM पर बटन दबाते का फोटो व वीडियो आया सामने
वायरल हो रही पोस्ट में मतदान के दौरान की गोपनीयता भंग होती साफ नजर आ रही है। वायरल वीडियो और तस्वीरों में बैलेट यूनिट पर उम्मीदवारों की सूची और उनके चुनाव चिह्न दिखाई दे रहे हैं, जिसमें एक विशेष राजनीतिक दल के ‘कमल’ के निशान पर बटन दबाने का संकेत स्पष्ट दिख रहा है। बैलेट यूनिट पर उम्मीदवारों के नाम भी नजर आ रहे हैं, जिनमें क्रमांक एक पर उत्तम ओलखा, दो पर विद्याधर, तीन पर मंजू तथा चौथे नंबर पर सैनी समाज के प्रत्याशी का नाम शामिल है।

विपक्षी ने प्रशासनिक मिलीभगत और दबाव के आरोप
वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी उम्मीदवारों ने कड़ा रुख अपनाया है। विपक्ष का सीधा आरोप है कि पोलिंग बूथों पर पुलिस और प्रशासनिक अमले की सख्त पाबंदी के बावजूद मोबाइल या कैमरा अंदर कैसे पहुंचा? विपक्षी प्रत्याशियों का कहना है कि यह घटना पोलिंग स्टाफ और प्रशासन की मिलीभगत व दबाव में कराए गए मतदान की ओर इशारा करती है।

निष्पक्ष जांच या लीपापोती?
क्षेत्र में अब यह चर्चा का विषय बन गया है कि सख्त सुरक्षा निर्देशों के बावजूद मतदान केंद्र के भीतर गोपनीयता का उल्लंघन कैसे हुआ। विपक्षी दल और स्थानीय नागरिक मांग कर रहे हैं कि प्रशासन इस वायरल पोस्ट का तत्काल संज्ञान ले और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों की पहचान कर उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सख्त कदम उठाता है या फिर मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है। हम इस पोस्ट की पुष्टि नहीं करते हैं। यह खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित वायरल पोस्ट और स्थानीय प्रत्याशियों द्वारा उठाए गए आरोपों पर आधारित है। वायरल वीडियो/फोटो की प्रामाणिकता की पुष्टि प्रशासनिक जांच के अधीन है।

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