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संस्कृत केवल भाषा नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की जीवनधारा : प्रो. डॉ. मूलचंद


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संस्कृत केवल भाषा नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की जीवनधारा : प्रो. डॉ. मूलचंद

संस्कृत केवल भाषा नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की जीवनधारा : प्रो. डॉ. मूलचंद

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : राजकीय लोहिया महाविद्यालय में शनिवार को संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से संस्कृत दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय तारानगर के प्राचार्य प्रो. डॉ. मूलचंद रहे। उन्होंने संस्कृत भाषा पर व्याख्यान देते हुए कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा की जीवनधारा है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत के माध्यम से रोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी भी दी।

विशिष्ट अतिथि राजकीय पुत्री पाठशाला बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य अमर सिंह कस्वां ने कहा कि संस्कृत भारत की सुदृढ़ सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. शमशाद अली ने की। उन्होंने संस्कृत की प्राचीनता और विशिष्टता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा के निर्देशानुसार 26 से 31 अगस्त तक संस्कृत सप्ताह मनाया जा रहा है।

इस दौरान आयोजित संस्कृत गीत प्रतियोगिता में एमए द्वितीय सेमेस्टर के पुलकित चौधरी, श्लोक वाचन में बीए छठे सेमेस्टर के फैजल खान और संस्कृत भाषण प्रतियोगिता में तुषार व्यास ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. डॉ. मंजू शर्मा ने संस्कृत दिवस की शुभकामनाएं दीं।

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