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झुंझुनूं में खुले में मिला बायोमेडिकल वेस्ट:DYFI ने किया प्रदर्शन, दोषी अस्पताल और ठेका कंपनी पर कार्रवाई की मांग


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झुंझुनूं में खुले में मिला बायोमेडिकल वेस्ट:DYFI ने किया प्रदर्शन, दोषी अस्पताल और ठेका कंपनी पर कार्रवाई की मांग

झुंझुनूं में खुले में मिला बायोमेडिकल वेस्ट:DYFI ने किया प्रदर्शन, दोषी अस्पताल और ठेका कंपनी पर कार्रवाई की मांग

झुंझुनूं : झुंझुनूं शहर के सुभाष मार्ग रोड और कर्बला के पास खुले में बायोमेडिकल वेस्ट मिलने का मामला सामने आया है। यहां इस्तेमाल की गई सिरिंज, खून से सनी पट्टियां, ड्रिप की बोतलें और अन्य चिकित्सकीय कचरा मिला। मामले के बाद DYFI कार्यकर्ताओं ने मौके पर प्रदर्शन कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षित निस्तारण की मांग की। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो नगर परिषद के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर आंदोलन किया जाएगा।

सुभाष मार्ग रोड स्थित कुरैशी होटल के पास और कर्बला क्षेत्र में थैलियों में भरकर फेंका गया बायोमेडिकल वेस्ट मिला।

खुले में मिला खतरनाक चिकित्सकीय कचरा

शहर के व्यस्त इलाके सुभाष मार्ग रोड और कर्बला के पास थैलियों में भरकर बायोमेडिकल वेस्ट फेंका हुआ मिला। सुभाष मार्ग रोड स्थित कुरैशी होटल के पास और कर्बला क्षेत्र में मिले कचरे में इस्तेमाल की गई सिरिंज, खून से लथपथ पट्टियां, ड्रिप सेट, प्लास्टिक मेडिकल सामग्री और अन्य संक्रमित कचरा शामिल था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह खुले में पड़ा मेडिकल कचरा संक्रमण फैलाने के साथ ही आवारा पशुओं और बच्चों के लिए भी खतरा है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठने लगे। DYFI कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

DYFI ने मौके पर पहुंचकर किया प्रदर्शन

DYFI के जिला महासचिव योगेश कटारिया और नगर अध्यक्ष जुनेद कुरैशी के नेतृत्व में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अस्पतालों और संबंधित एजेंसियों की लापरवाही से शहरवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई और बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था नहीं की गई तो नगर परिषद के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारी से हुई बहस।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारी से हुई बहस।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारी से हुई बहस

मामले की सूचना मिलने पर राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RPCB) का एक कर्मचारी मौके पर पहुंचा। कर्मचारी ने पूछा कि यह कचरा किस अस्पताल का है। इस पर DYFI कार्यकर्ताओं ने कहा कि आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर संबंधित अस्पताल और कचरा फेंकने वाले वाहन की आसानी से पहचान की जा सकती है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिम्मेदार एजेंसियां जांच करने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने में लगी हैं। इस दौरान मौके पर कुछ देर तक नोकझोंक भी हुई।

CMHO कार्यालय पहुंचे कार्यकर्ता

मामले की शिकायत लेकर DYFI कार्यकर्ता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों से बातचीत हुई। बातचीत के दौरान स्वास्थ्य विभाग की सीमित शक्तियों और मौजूदा व्यवस्था से जुड़ी कई बातें सामने आईं।

केवल नोटिस भेज सकता है स्वास्थ्य विभाग

CMHO कार्यालय के द्वितीय अधिकारी ने कार्यकर्ताओं को बताया कि स्वास्थ्य विभाग का काम अस्पतालों को प्रारंभिक पंजीकरण देना है। उन्होंने बताया कि यदि कोई अस्पताल या संस्था बायोमेडिकल वेस्ट नियमों का उल्लंघन करती है तो स्वास्थ्य विभाग केवल नोटिस जारी कर सकता है। लाइसेंस निरस्त करने या कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने का अधिकार उनके पास नहीं है।

निजी कंपनी के भरोसे बायोमेडिकल वेस्ट उठाने की व्यवस्था

अधिकारी ने यह भी बताया कि बायोमेडिकल वेस्ट उठाने का ठेका नगर परिषद ने एक निजी कंपनी को दिया है। उन्होंने बताया कि यदि किसी कारण से उस कंपनी को काम करने से रोक दिया जाए तो पूरे शहर में मेडिकल कचरे का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है, क्योंकि वर्तमान में कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इस जानकारी के बाद नगर परिषद की निगरानी व्यवस्था और ठेका प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

DYFI ने लगाए गंभीर आरोप

DYFI नेताओं का कहना है कि शहर में खुले में फेंका जा रहा बायोमेडिकल वेस्ट आम लोगों के जीवन से खिलवाड़ है। उनका कहना है कि संक्रमित सिरिंज, खून लगी पट्टियां और अन्य चिकित्सकीय सामग्री गंभीर बीमारियों के फैलने का कारण बन सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जबकि जनता की सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

दोषी अस्पताल और ठेका कंपनी पर कार्रवाई की मांग

DYFI ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि दोषी अस्पताल, ठेका कंपनी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही शहर में बायोमेडिकल वेस्ट के संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की व्यवस्था की स्वतंत्र जांच करने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने की भी मांग रखी है।

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