अल्पसंख्यक छात्रावास की दूसरी प्रवेश सूची में अनियमितता के आरोप, जांच की मांग
अल्पसंख्यक छात्रावास की दूसरी प्रवेश सूची में अनियमितता के आरोप, जांच की मांग
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : अल्पसंख्यक बालक छात्रावास में जारी दूसरी प्रवेश सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक ही संस्था के 21 छात्रों को प्रवेश दिया गया, जबकि अल्पसंख्यक समुदाय के पात्र छात्रों के आवेदन उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें प्रवेश से वंचित कर दिया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि अल्पसंख्यक विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में ही अन्य वर्गों के छात्रों को प्रवेश दिया जा सकता है। ऐसे में उपलब्ध आवेदनों के बावजूद अन्य छात्रों को प्रवेश दिए जाने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
दूसरी सूची पर उठाए सवाल
शिकायत में दूसरी प्रवेश सूची जारी करने की प्रक्रिया पर भी कई सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि सूची जारी करने से पहले अखबार में पर्याप्त सूचना प्रकाशित नहीं की गई। साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता ने अल्पसंख्यक छात्रों को अपात्र घोषित करने का कारण, उन्हें अपात्र करने से पहले दी गई सूचना तथा सूची में शामिल छात्रों की पात्रता से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।

अंकों और दस्तावेजों को लेकर भी सवाल
शिकायत में कहा गया है कि सूची में क्रमांक 1 से 29 तक के छात्रों की अंकतालिका संलग्न नहीं होने का उल्लेख है। ऐसे में छात्रों का प्रतिशत किस आधार पर निर्धारित किया गया, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। शिकायतकर्ता ने प्रवेश प्रक्रिया में परीक्षा परिणाम और प्रतिशत के आधार की भी जांच कराने की मांग की है।
पिछले सत्र की प्रवेश प्रक्रिया की जांच की मांग
शिकायत में पिछले सत्र में छात्रावास में हुए प्रवेश की भी जांच कराने की मांग की गई है। आरोप लगाया गया है कि छात्रावास में नियमित रूप से करीब 25 बच्चे रहते थे, जबकि लगभग 44 छात्रों के नाम पर राशि उठाए जाने की शिकायत है। इस पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरी सूची जारी करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित होने के बावजूद 13 अगस्त को ही सूची जारी कर दी गई। इसके अलावा अल्पसंख्यक समुदाय के गांवों में छात्रावास प्रवेश को लेकर पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
शिकायत में छात्रावास की प्रवेश सूची में ‘हिंदू’ और ‘मुस्लिम’ शब्दों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई गई है और इसके स्थान पर नियमानुसार वर्गों का उल्लेख करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा पात्र अल्पसंख्यक छात्रों को उनका हक दिलाने की मांग की है।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19






Total views : 2316598


