[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

नैनो उर्वरक को लेकर सहकारी व्यवस्थापकों को मिला प्रशिक्षण:किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए जागरूक किया, प्रगतिशील सम्मानित


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चूरूटॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसरदारशहर

नैनो उर्वरक को लेकर सहकारी व्यवस्थापकों को मिला प्रशिक्षण:किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए जागरूक किया, प्रगतिशील सम्मानित

नैनो उर्वरक को लेकर सहकारी व्यवस्थापकों को मिला प्रशिक्षण:किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए जागरूक किया, प्रगतिशील सम्मानित

सरदारशहर : सरदारशहर में इफको नैनो उर्वरक महाअभियान के तहत सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सरदारशहर के सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता केवीके के मुख्य हेड डॉ. वीके सैनी ने की। इफको के एसएमएम पृथ्वीराज सिंहाग कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे।

मुख्य अतिथि पृथ्वीराज सिंहाग ने कहा कि इफको किसानों को सशक्त बनाने और खेती की लागत कम कर उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक आधुनिक और उन्नत उर्वरक तकनीक पहुंचाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए प्रदेशभर में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों, उर्वरकों के संतुलित उपयोग और फसल उत्पादन बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी जाती है। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया।

किसानों से फसलों की नियमित निगरानी करने और रोग दिखाई देने पर उचित कृषि प्रबंधन अपनाने की सलाह दी गई।
किसानों से फसलों की नियमित निगरानी करने और रोग दिखाई देने पर उचित कृषि प्रबंधन अपनाने की सलाह दी गई।

फसलों में रोगों की पहचान और नियंत्रण की जानकारी

इफको एमसी के आरबीएम अनिल कुमार विश्नोई ने खरीफ और रबी फसलों में होने वाले विभिन्न रोगों की पहचान तथा उनके नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फसल में किसी भी रोग की समय पर पहचान होने पर उसका प्रभावी प्रबंधन किया जा सकता है।

नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग पर चर्चा

इफको के क्षेत्रीय अधिकारी अजय कुमार जाखड़ ने बताया कि इस बार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग करने वाले किसानों से अच्छे परिणाम मिलने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने किसानों से उर्वरकों का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल करने और फसल की जरूरत के अनुसार संतुलित मात्रा में खाद देने का आह्वान किया। कॉपरेटिव बैंक के एमडी मदनलाल शर्मा, कृषि अधिकारी विपिन भादू, इफको एमसी विनोद खेरवा और ननोज ढाका ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपने विचार साझा किए।

सहकारी समितियों के जरिए किसानों तक पहुंचाई जाएगी जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहकारी समितियों से जुड़े व्यवस्थापक, कृषि विभाग के अधिकारी और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी समितियों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों तक नैनो उर्वरकों और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी पहुंचाना रहा।

इस अवसर पर मजीत चौधरी, मनीराम देग, सुरेंद्र डूडी, किशौर सारण, नंदलाल कानसुलिया, भादरमल सारण, सुभाष सारण, रामकिशन शर्मा, मनोज पारीक और रामाअवतार पारीक सहित कई लोग मौजूद रहे।

Related Articles