[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

राजस्थान-2500 फीट की ऊंचाई पर श्रद्धालु की हार्टअटैक से मौत:झुंझुनूं के बरखंडी नाथ के दर्शन करने गया था, दोस्त कंधे पर उठाकर लाए शव


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़नवलगढ़राजस्थानराज्य

राजस्थान-2500 फीट की ऊंचाई पर श्रद्धालु की हार्टअटैक से मौत:झुंझुनूं के बरखंडी नाथ के दर्शन करने गया था, दोस्त कंधे पर उठाकर लाए शव

राजस्थान-2500 फीट की ऊंचाई पर श्रद्धालु की हार्टअटैक से मौत:झुंझुनूं के बरखंडी नाथ के दर्शन करने गया था, दोस्त कंधे पर उठाकर लाए शव

नवलगढ़ : झुंझुनूं के नवलगढ़ क्षेत्र के रहने वाले सुरेश जांगिड़ (45) की बरखंडी की पहाड़ी पर हार्टअटैक से मौत हो गई। रोप-वे नहीं होने से सुरेश की बॉडी को उसके साथ गए दोस्त करीब 2500 फीट की ऊंचाई से कंधे पर उठाकर नीचे लाए। नवलगढ़ के पुजारी की ढाणी के रहने वाले सुरेश दोस्तों के साथ बुधवार (12 अगस्त) सुबह लोहार्गल की पहाड़ी पर बरखंडी नाथ के दर्शन के लिए गए थे। करीब 1051 मीटर ऊंच धार्मिक स्थल से उतरने के दौरान वे अचानक बेहोश होकर गिर गए थे। मेडिकल हेल्प नहीं मिलने के कारण उनकी मौत हो गई।

फिसलन भरी पहाड़ी से शव लेकर नीचे आए दोस्त

सुरेश के दोस्तों ने बताया कि धार्मिक स्थल के आसपास कोई हेल्प उन्हें नहीं मिली। पहाड़ी से शव को उतारकर नीचे लाना काफी चुनौतीपूर्ण था।

करीब 250 मीटर बाद ही बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार सुरेश जांगिड़ और उनके साथ सुबह 11 बजे बरखंडी बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे थे। यहां से वे केदारबाबा के दर्शन के लिए जा रहे थे। करीब 250 मीटर उतरते ही उनकी तबीयत खराब हो गई। उनके दोस्तों ने बताया कि ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण उन्हें परेशानी हुई थी। उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन वे उठ नहीं सके। करीब एक घंटे तक शव को कंधों पर उठाकर नीचे फिसलन भरी पहाड़ी से नीचे उतरे।

जोताराम बाबा के मंदिर के पुजारी थे सुरेश

सुरेश जांगिड़ अपने घर पर बने मंदिर जोतराम बाबा के पुजारी भी थे। उनके दोस्तों ने बताया कि मंदिर की काफी मान्यता है और यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। सुरेश जांगिड़ घर पर ही फर्नीचर का काम करते थे। उनका एक 20 साल का बेटा और 15 साल की बेटी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है।

दो साल पहले हुई थी रोपवे की घोषणा

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2024 के बजट में बरखंडी पहाड़ी पर रोपवे बनाने की घोषणा की थी। दिसंबर 2025 में रोपवे के लिए सर्वे भी पूरा कर लिया गया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर प्रस्तावित थी, लेकिन अब तक कोई निवेशक आगे नहीं आने के कारण योजना शुरू नहीं हो पाई।

पुलिस ने शव अस्पताल की मोर्च्युरी में रखवाया

घटना की सूचना ग्रामीणों ने लोहार्गल पुलिस को दी। पुलिस ने शव को नवलगढ़ अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मोर्चरी में रखवाया गया है। गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

बरखंडी धाम के रास्ते में नहीं है पानी की सुविधा

लोहार्गल से बरखंडी धाम तक जाने वाला रास्ता पहाड़ी है और यहां केवल पैदल ही पहुंचा जा सकता है। हरियाली अमावस्या के मौके पर हजारों श्रद्धालु बरखंडी आश्रम में दर्शन के लिए पहुंचे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहाड़ी रास्ते में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था और पानी पीने की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान आपात स्थिति में मदद पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

Related Articles